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बीज विक्रेता कंपनी से मिला धोखा, अब किसानों की फसल चर रहे हैं मवेशी

बैतूल के सबसे बड़े धान उत्पादक क्षेत्र चोपना में इन दिनों धान के खेतों में किसानों की जगह मवेशी नज़र आ रहे हैं. 

बीज विक्रेता कंपनी से मिला धोखा, अब किसानों की फसल चर रहे हैं मवेशी
अमानक बीजों से केवल धान ही नहीं बल्कि इससे पहले मक्के की फसल भी बर्बाद हो चुकी हैं.

इरशाद हिंदुस्तानी/बैतूल: मध्य प्रदेश के बैतूल के सबसे प्रमुख धान उत्पादक क्षेत्र चोपना में किसानों के साथ बड़ा धोखा हुआ है. यहां के लगभग 250 से ज़्यादा किसानों ने दो बीज विक्रेता कम्पनियों से धान के जो बीज खरीदे थे. वो अमानक निकले, जिससे सैकड़ों हेक्टेयर क्षेत्र में लगी धान की फसल बर्बाद हो गई है. आलम ये है कि यहां किसानों ने धान के खेतों में अपने मवेशियों को चराई के लिए छोड़ दिया है. कर्ज लेकर फसल लगाने वाले किसानों के सामने अब कर्ज चुकाने तक की कोई व्यवस्था नहीं है.

बैतूल के सबसे बड़े धान उत्पादक क्षेत्र चोपना में इन दिनों धान के खेतों में किसानों की जगह मवेशी नज़र आ रहे हैं. ये मवेशी यहां जबरदस्ती घुसकर फसल मज़े से चट नहीं कर रहे हैं. इनके मालिकों ने ही इन्हें खेतों में छोड़ दिया है. ऐसा इसलिए, क्योंकि लगभग 250 से ज्यादा किसानों ने धान के जो बीज रोपे थे, वो फसल आने तक भूसे में तब्दील हो गए हैं. इनमें अनाज का एक दाना तक नहीं आया है.

हर बार की तरह सैकड़ों किसानों ने कर्ज लेकर बुआई की थी. लेकिन पूरी फसल खराब हो जाने से अपनी गुजर बसर करने से लेकर कर्ज चुकाने तक के लिए इनके पास कोई दूसरा जरिया नहीं है. इस इलाके में दो कम्पनियों ने सुपर डुपर ब्रांड जे नाम से धान का बीज बेचा था. इससे फसलों का जो हाल हुआ, वो सुपर डुपर फ्लॉप निकला. अब कृषि विभाग ने अपने वैज्ञानिकों का एक जांच दल यहां भेजने का फैसला किया है.

अमानक बीजों से केवल धान ही नहीं बल्कि इससे पहले मक्के की फसल भी बर्बाद हो चुकी हैं. कृषि विभाग और जिला प्रशासन की सुस्त मॉनिटरिंग के चलते नकली या अमानक बीज बेचने वाली कम्पनियां किसानों को लूटकर मोटा मुनाफा कमा रही हैं.