CG: जशपुर में करंट लगने से हाथी ने तोड़ा दम, बीते डेढ़ महीने में हो चुकी है 8 हाथियों की मौत

किसान दंपति का कहना है कि उन्होंने आत्मरक्षा के लिए अपने घर को तार से घेर रखा है. रात को सोते वक्त दंपति तार की बिजली सप्लाई चालू कर देते थे. गुरुवार रात हाथी की करंट की चपेट में आने से मौत हो गई. 

CG: जशपुर में करंट लगने से हाथी ने तोड़ा दम, बीते डेढ़ महीने में हो चुकी है 8 हाथियों की मौत
छत्तीसगढ़ के जशपुर में करंट लगने से एक और हाथी की मौत हो गई.

जशपुर: छत्तीसगढ़ में हाथियों की मौत का सिलसिला थम नहीं रहा है. जशपुर के तपकरा इलाके में शुक्रवार सुबह एक हाथी का शव मिला. झिरीबेरना गांव के किसान रंजीत केरकेट्टा और आनंदा केरकट्टा ने अपने घर के पास खेत की मेड़ में करंट वाला तार बिछा रखा था, जिसकी चपेट में आकर हाथी की मौत हो हुई. हाथी की उम्र करीब 30 वर्ष बताई जा रही है. सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और हाथी के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा.

करंट लगने से हुई हाथी की मौत
वन विभाग की टीम ने इस मामले में किसान दंपति को हिरासत में ले लिया है. किसान दंपति का कहना है कि उन्होंने आत्मरक्षा के लिए अपने घर को तार से घेर रखा है. रात को सोते वक्त दंपति तार की बिजली सप्लाई चालू कर देते थे. गुरुवार रात हाथी की करंट की चपेट में आने से मौत हो गई. वहीं ग्रामीणों ने बताया कि पत्थलगांव रेंज में दो दिनों से हाथियों का दल उत्पात मचा रहा था. खरकट्टा गांव से निकलकर ये लुडेग के सराईटोला गांव पहुंचे और वहां मकानों को तोड़ दिया. अनाज खा गए और फसलों को भी नुकसान पहुंचाया.

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वन विभाग ने किया मृत हाथी का अंतिम संस्कार
वन विभाग की टीम ने हाथी का पोस्टमार्टम कराने के बाद उसके शव का अंतिम संस्कार कर दिया. हाथी के अंतिम संस्कार में भाजपा सांसद गोमती साय भी पहुंचीं. उन्होंने मृत हाथी को श्रद्धांजलि दी. इस दौरान बड़ी संख्या में गांव के लोग भी मौजूद रहे. वन विभाग की टीम ने अंतिम संस्कार से पहले मृत हाथी के दांत निकलवाकर रखवा दिए. वन विभाग वन्यप्राणी क्रूरता अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर आरोपी किसान दंपति के खिलाफ कार्रवाई की बात कह रहा है.

बीते डेढ़ महीने में छत्तीसगढ़ में 8 हाथियों की मौत
आपको बता दें कि छत्तीसगढ़ में बीते डेढ़ महीने में 8 हाथियों की मौत हो चुकी है. इससे पहले 9 जुलाई को कोरबा में 8 साल के हाथी के बच्चे ने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया था. वहीं नौ जून को सूरजपुर के प्रतापपुर में हथिनी की मौत हुई थी. अगले दिन इसी क्षेत्र में एक गर्भवती हथिनी, फिर बलरामपुर में एक हथिनी, धमतरी के माडमसिल्ली व रायगढ़ के गेरसा में दो नर हाथी मृत मिले थे. इसके बाद गणेश नाम के हाथी की करंट लगने से धरमजयगढ़ में मौत हो गई थी.

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