छत्तीसगढ़ः J&K में तैनात सेना का जवान 10 दिनों से लापता, खोजबीन जारी

सेना के अधिकारी ने राकेश के छोटे भाई राजू पटेल को फोन करके बताया कि राकेश ने जम्मू के एक एटीएम से 30 हजार रूपये निकाले. 

छत्तीसगढ़ः J&K में तैनात सेना का जवान 10 दिनों से लापता, खोजबीन जारी
प्रतीकात्मक तस्वीर

नई दिल्लीः कांकेर के भावगीर नवागांव का जवान जम्मू से लापता हो गया है. राकेश पटेल नाम का जवान सेना में जम्मू के खूफिया विभाग में आरक्षक के पद पर पदस्थ है. जम्मू के सेना के अधिकारियो ने राकेश पटेल के लापता होने की सूचना राकेश के परिजनों और कांकेर के थाने को दी है. राकेश के घरवालों के मुताबिक राकेश अप्रेल महीने में कांकेर आया आया था. उसके बाद वो वापस अपनी ड्यूटी ज्वॉइन करने जम्मू चला गया. 17 जून को जम्मू के सेना के दफ्तर से फोन आया कि राकेश बिना बताए कहीं चला गया है, जिसकी तलाश की जा रही है. सेना के अधिकारी ने राकेश के छोटे भाई राजू पटेल को फोन करके बताया कि राकेश ने जम्मू के एक एटीएम से 30 हजार रूपये निकाले. जिसके बाद से राकेश का कोई पता नहीं चला. फिलहाल सेना से मिली जानकारी के बाद कांकेर पुलिस राकेश की तलाश में जुटी है.

25 जून को जगदलपुर में बैंक ऑफ बड़ोदा के एटीएम से निकाले 10 हजार रुपये
25 जून को सेना के एक अधिकारी ने फिर फोन करके राकेश के भाई को पूछा कि राकेश घर पहुंचा क्या. उसने जगदलपुर के एक बैंक, बैंक ऑफ़ बड़ोदा से 10 हजार रूपये और निकाले हैं. परिजनों ने बताया कि राकेश का फोन बंद बता रहा है. कांकेर के आस-पास के सभी परिजनों से राकेश के बारे में पूछा लेकिन उसका पता नही चल पा रहा है. वहीं राकेश की मां का घर पर रो-रोकर बुरा हाल है. 

10 दिनों से गायब है जवान
राकेश के पिता और भाई के मुताबिक उनकी सारी कोशिशें बेकार हो चुकी हैं. राकेश कभी भी बिना बताये जम्मू से नही आता था. वह फोन करके घर आने संबंधी बातें बताता था. अपने भाई को कांकेर के बस स्टैंड पर आने कहता था. इस बार उसने कुछ भी नही बताया. कांकेर पुलिस के मुताबिक जम्मू के सेना के दफ्तर से सुचना के रूप में राकेश पटेल के लापता होने का लेटर आया है. जिसके बाद से कांकेर पुलिस खोजबीन में जुटी है, लेकिन अभी तक कोई सुराग नही मिला है.

16 जून को राकेश ने घर पर बात की थी
बता दें राकेश ने 16 जून को भी अपने घर पर बात की थी. घरवालों से नाई की दुकान जाकर बाल कटवाने की बात कहकर अधिकारियों के पास चला गया. तभी से न तो राकेश का फोन लग हा है और न ही उसका कोई पता चल पा रहा है. दरअसल, हाल ही में जम्मू-कश्मीर में जवानों के आतंकियों द्वारा घटनाएं भी सामने आ रही हैं. जिससे राकेश के परिवार और सेना की चिंताएं बढ़ गई हैं.