ट्रेन ​में भगवान शिव के लिए सीट रिजर्व रखने पर शुरू हुई सियासत, ओवैसी ने PMO को किया ट्वीट

काशी-महाकाल एक्सप्रेस सोमवार सुबह इंदौर रेलवे स्टेशन पर पहुंची. उज्जैन और इंदौर रेलवे स्टेशनों पर इस ट्रेन का स्वागत कीर्तन-भजन के साथ किया गया. इस ट्रेन के काेच नंबर बी5 में सीट नंबर 64 काे बाबा महाकाल के लिए आरक्षित रखा गया है. 

ट्रेन ​में भगवान शिव के लिए सीट रिजर्व रखने पर शुरू हुई सियासत, ओवैसी ने PMO को किया ट्वीट
काशी विश्वनाथ एक्सप्रेस में भगवान शिव के लिए आरक्षित सीट पर बना मंदिर.

नई दिल्ली: वाराणसी से उज्जैन वाया इंदौर के बीच शुरू की कई नई ट्रेन 'काशी-महाकाल एक्सप्रेस' में भगवान शंकर के लिए एक सीट हमेशा रिजर्व रखने के मामले पर सियासत शुरू हो गई है. एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन औवेसी ने ट्रेन में एक सीट पर शिव मंदिर बनाए जाने पर सवाल खड़े किए हैं. उन्होंने प्रधानमंत्री दफ्तर (PMO) को टैग करते हुए संविधान के प्रस्तावाना की फोटो ट्वीट की है. 

ट्रेन में सीट नंबर 64 भगवान शिव के लिए ​आरक्षित
काशी-महाकाल एक्सप्रेस सोमवार सुबह इंदौर रेलवे स्टेशन पर पहुंची. उज्जैन और इंदौर रेलवे स्टेशनों पर इस ट्रेन का स्वागत कीर्तन-भजन के साथ किया गया. इस ट्रेन के काेच नंबर बी5 में सीट नंबर 64 काे भगवान शिव के लिए आरक्षित रखा गया है. आपको बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गत 16 फरवरी को वाराणसी से इस ट्रेन को हरी झंडी दिखाई थी. 

भगवान शिव के तीन ज्योर्तिलिंगों को जोड़ती है यह ट्रेन
यह ट्रेन वाराणसी में काशी विश्वनाथ, इंदौर के निकट ओंकारेश्वर और उज्जैन स्थित महाकालेश्वर ज्योर्तिलिंगों को आपस में जोड़ेगी. इसीलिए इस ट्रेन का नाम भी 'काशी-महाकाल एक्सप्रेस' रखा गया है. यह तेजस के बाद देश की तीसरी प्राइवेट ट्रेन है, जिसका संचालन पूर्णत: आईआरसीटीसी के हाथों में है.लाेगाें काे इसकी जानकारी रहे, इसके लिए सीट पर मंदिर बनाया गया है. यह ट्रेन वाराणसी से लखनऊ, कानपुर, बीना, भाेपाल, उज्जैन होते हुए इंदौर तक पहुंचेगी.