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सुकमा में सीआरपीएफ जवानों पर हमला सुनियोजित रणनीति का हिस्सा

छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित सुकमा जिले में पुलिस जवानों पर हमला नक्सलियों की सोची समझी रणनीति का हिस्सा था और मामले की शुरुआती जांच में पुलिस को जानकारी मिली है कि स्थानीय नक्सली नेताओं ने हमले को अंजाम दिया है। इस बीच, हमले के बाद गृहमंत्री राजनाथ सिंह रायपुर पहुंच गए हैं।

रायपुर : छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित सुकमा जिले में पुलिस जवानों पर हमला नक्सलियों की सोची समझी रणनीति का हिस्सा था और मामले की शुरुआती जांच में पुलिस को जानकारी मिली है कि स्थानीय नक्सली नेताओं ने हमले को अंजाम दिया है। इस बीच, हमले के बाद गृहमंत्री राजनाथ सिंह रायपुर पहुंच गए हैं।

राज्य के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने आज यहां बताया कि सुकमा जिले का चिंतागुफा थाना क्षेत्र धुर नक्सल प्रभावित है तथा यहां नक्सलियों ने पुलिस को कई बार चुनौती दी है। इस क्षेत्र में वर्ष 2010 में नक्सलियों ने केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के 75 जवानों समेत 76 पुलिसकर्मियों की हत्या की थी।

अधिकारियों ने बताया कि अभी तक मिली जानकारी के मुताबिक सोमवार को हुए नक्सली हमले का कारण 21 नवंबर को हुए पुलिस नक्सली मुठभेड़ है। 21 नवंबर को जिले के कासलपाड़ा गांव के करीब नक्सलियों ने केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के दल पर हमला कर दिया था जिसमें छह जवान घायल हुए थे तथा वायुसेना के हेलीकाप्टर पर गोलीबारी की थी जिसमें एक गनर को भी गोली लगी थी। इस घटना में सीआरपीएफ ने कुछ नक्सलियों के भी मारे जाने का दावा किया था।

उन्होंने बताया कि 21 नवंबर की घटना के कुछ दिनों बाद सीआरपीएफ को सूचना मिली थी कि नक्सलियों ने अपने साथियों का शव कासलपाड़ा क्षेत्र में जलाया या दफनाया है। सूचना के बाद क्षेत्र के लिए चार तरफ से सीआरपीएफ जवानों के दलों को रवाना किया गया था। दल की अगुवाई सीआरपीएफ के महानिरीक्षक एचएस सिध्दु कर रहे थे। एक दल जिसमें लगभग 250 की संख्या में सीआरपीएफ के जवान मौजूद थे कासलपाड़ा पहुंचा और वापसी के दौरान नक्सलियों ने पुलिस दल पर पीछे से हमला कर दिया। अधिकारियों ने बताया कि सीआरपीएफ जवानों पर अचानक हुए हमले में 14 जवानों की मौत हुई और अन्य घायल हुए। लेकिन जवानों ने भी जवाबी कार्रवाई की। तब तक नक्सली जवानों से तीन यूजीबीएल, सात एके 47, एक इसांस एलएमजी, एक बुलेट प्रुफ जैकेट, एक जीपीएस, एक दूरबीन, एक मोनोपैक सेट और कई मैग्जीन लूट लिए थे। कुछ देर तक गोलीबारी के बाद नक्सली वहां से फरार हो गए।

उन्होंने बताया कि अभी तक शुरूआती जांच में पुलिस को जानकारी मिली है कि नक्सलियों के बटालियन कंपनी इंचार्ज सीटू का हाथ इस हमले में है। बताया यह भी जा रहा है कि इस घटना की रणनीति सीटू और अन्य नक्सली नेताओं ने बनाया था तथा लगभग 75 की संख्या में हथियार बंद नक्सलियों ने पुलिस दल पर पीछे से हमला किया था।