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Balaghat E-attendance News: शिक्षा विभाग में लागू ई-अटेंडेंस व्यवस्था के बीच बालाघाट जिले से बड़ी लापरवाही सामने आई है. जहां 6 जुलाई को 225 कर्मचारियों ने ई-अटेंडेंस नहीं लगाया, जिसके बाद 'लोक सेवक कर्मचारी अटेंडेंस नॉट पंच' रिपोर्ट के आधार पर 225 कर्मचारियों को नोटिस जारी किया गया है. इनमें प्राचार्य, उच्च माध्यमिक शिक्षक, शिक्षक और लिपिक जैसे जिम्मेदार पदों पर कार्यरत कर्मचारी भी शामिल हैं. वहीं दूसरे दिन भी 7 जुलाई को भी 165 कर्मचारियों ने ई अटेंडेंस नहीं लगाया.
लिस्ट में शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय, पीएमश्री विद्यालय और संदीपनी विद्यालय सहित जिले के कई प्रतिष्ठित संस्थानों के कर्मचारी शामिल हैं. बालाघाट, कटंगी, किरनापुर, लांजी, लालबर्रा, खैरलांजी और वारासिवनी विकासखंडों से बड़ी संख्या में ई-अटेंडेंस दर्ज नहीं होने से विभागीय अनुशासन पर सवाल उठ रहे हैं. कुछ कर्मचारियों ने नेटवर्क और तकनीकी समस्या का हवाला दिया है, लेकिन इतनी बड़ी संख्या में अनुपस्थिति ने विभागीय कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए हैं.
सरकार की अहम व्यवस्था
इसको लेकर जिला शिक्षा अधिकारी धनश्री जैन ने बताया कि 'ई-अटेंडेंस प्रणाली शासन की महत्वपूर्ण व्यवस्था है, जिसका उद्देश्य शिक्षकों एवं कर्मचारियों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करना और विद्यालयों में शैक्षणिक गतिविधियों को बेहतर बनाना है. 6 जुलाई की रिपोर्ट के आधार पर जिन 225 कर्मचारियों की ई-अटेंडेंस दर्ज नहीं हुई, उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं. सभी संबंधित कर्मचारियों से निर्धारित समय सीमा में स्पष्टीकरण मांगा गया है. हमारा उद्देश्य किसी को अनावश्यक रूप से दंडित करना नहीं, बल्कि विद्यालयों में समय पर उपस्थिति, अनुशासन और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करना है.
ई-अटेंडेंस पर क्या बोले मंत्री
प्रदेश में मोहन यादव सरकार ई-अटेंडेंस के फैसले पर कोई रियायत देना नहीं चाहती है. वहीं स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह का कहना है कि शिक्षक दिनभर मोबाइल का उपयोग करते रहते हैं. ऐसे में ई-अटेंडेंट लगाने में दिक्कत नहीं होनी चाहिए. मंत्री के बयान पर शिक्षक संगठन विरोध कर रहे हैं. उनका कहना है कि ई-अटेंडेंस के विरोध में नहीं हैं, लेकिन इसे न्यायसंगत और संवेदनशील तरीके से लागू किया जाए.
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