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बलरामपुर: सड़क न होने से परेशान ग्रामीण, पहाड़ों और जंगल को पार कर लाते हैं राशन

 वहीं गांव में सड़क न होने के कारण ग्रामीणों को राशन लाने तक में दिक्कत होती है. ग्रामीण सड़क की समस्या से इस कदर परेशान हैं कि वह राशन भी कम ही लेकर आते हैं. ताकि वह आसानी से पहाड़ पार कर पाएं.

बलरामपुर: सड़क न होने से परेशान ग्रामीण, पहाड़ों और जंगल को पार कर लाते हैं राशन
फोटो साभारः ANI

नई दिल्ली/बलरामपुरः विकास की लहर की बात करने वाले छत्तीसगढ़ में आज भी ऐसे कई इलाके हैं जहां के लोग आधारभूत सुविधाओं के लिए भी तरस रहे हैं. छत्तीसगढ़ के बलरामपुर का बचवार गांव भी ऐसा ही गांव है जहां के लोगों को सड़क न होने के चलते काफी समस्याओं का सामना करना पड़ता है. ग्रामीणों की समस्याएं तब तो और भी बढ़ जाती हैं जब कोई बीमार हो जाता है या गांव में अचानक ही कोई इमरजेंसी आ जाती है. यहां सड़क की समस्या इस हद तक है कि लोगों को जंगलों और पहाड़ों को पार कर राशन और अन्य सामान लेकर आना पड़ता है. किसी के बीमार हो जाने पर भी ग्रामीणों को इन्हें कंधे पर ढोना पड़ता है. ऐसे में कई बार तो अस्पताल तक पहुंचने में ही इतना समय लग जाता है कि पीड़ित व्यक्ति रास्ते में ही दम तोड़ देता है.

मरीजों को कंधे पर उठाकर पहुंचाते हैं अस्पताल
ग्रामीणों के मुताबिक, गांव में सड़क न होने के कारण उन्हें काफी समस्याओं का सामना करना पड़ता है. मरीजों और गर्भवती महिलाओं को अस्पताल तक पहुंचाने के लिए उन्हें काफी दिक्कतें होती हैं. कोई इमरजेंसी होने पर पीड़ित व्यक्ति को कंधे पर ही टांग कर जंगल और पहाड़ पार करवाना पड़ता है. गांव में सड़क न होने की सूचना वह कई बार अधिकारियों को दे चुके हैं, लेकिन इसके बाद भी अभी तक जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा कोई कदम नहीं उठाए गए हैं. हर बार आश्वसन देकर ग्रामीणों को वापस जाने के लिए कह दिया जाता है. नेता भी चुनाव से पहले यहां वोट मांगने के लिए आते हैं. बड़े-बड़े वादे करते हैं, लेकिन चुनाव खत्म होने के बाद हमारी सुध लेने कोई नहीं आता. 

राशन लाने में तक होती है दिक्कत
ग्रामीणों के मुताबिक, हमें कभी भी किसी भी मंत्री से कोई मदद नहीं मिली. नेता-मंत्री सिर्फ चुनावों के समय गांव आते हैं और उसके बाद कोई हमें पूछता तक नहीं है. गांव में बदहाली का यह आलम प्रदेश के जिम्मेदार अधिकारियों के काम और इनकी जिम्मेदारियों को पूरी करने की कोशिशों पर सवाल उठाता है. गांव में सड़क जैसी जरूरी सुविधा न होना यहां के बच्चों और ग्रामीणों को रोज जोखिम उठाने को मजबूर करती है. वहीं गांव में सड़क न होने के कारण ग्रामीणों को राशन लाने तक में दिक्कत होती है. ग्रामीण सड़क की समस्या से इस कदर परेशान हैं कि वह राशन भी कम ही लेकर आते हैं. ताकि वह आसानी से पहाड़ पार कर पाएं.