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भोपाल: 4 लाख कर्मचारियों को सालों से प्रमोशन का इंतजार, सरकार ने बीजेपी को दिया दोष

कई सालों से प्रमोशन पर फैसले की फाइल कोर्ट में अटकी पड़ी है, लिहाजा प्रमोशन बंद है. पिछले 3 साल में 35 हजार लोग प्रमोशन का इंतजार करते-करते रिटायर हो गए. 

भोपाल: 4 लाख कर्मचारियों को सालों से प्रमोशन का इंतजार, सरकार ने बीजेपी को दिया दोष
65 हजार कर्मचारी रिटायरमेंट की कगार पर हैं.

भोपाल: मध्य प्रदेश के भोपाल से साढ़े 4 लाख सरकारी कर्मचारी कई सालों से अपने प्रमोशन का इंतजार कर रहे है, लेकिन प्रमोशन होने का नाम ही नहीं लेता. दरअसल निचले पदों के सरकारी कर्मचारी की यह इच्छा होती है कि वह प्रमोशन लेते लेते उस ओहदे पर पहुंच जाएं जो ओहदा उन्हें सम्मान दिला सके. लेकिन बीते कई सालों से प्रमोशन पर फैसले की फाइल कोर्ट में अटकी पड़ी है, लिहाजा प्रमोशन बंद है. पिछले 3 साल में 35 हजार लोग प्रमोशन का इंतजार करते-करते रिटायर हो गए. इसी दौरान 65 हजार कर्मचारी रिटायरमेंट की कगार पर है और अपने अपने प्रमोशन का इंतजार कर रहे हैं. नौबत यहां तक आ गए है की वन विभाग के क्लर्क ने दतिया में भगवान से गुहार लगाने का सरकारी आदेश जारी कर दिया.

सरकारी कर्मचारियों का कहना है की प्रमोशन मिलने से इज्जत बढ़ती है, सरकारी कर्मचारी लगातार प्रमोशन पाता रहा तो क्लर्क से सचिव या उपसचिव बन सकता है. कोई टीचर भर्ती हुआ तो वे रिटायरमेंट तक प्राचार्य या प्रधानाचार्य के पद तक पहुंच सकता है. मंत्रालय के कर्मचारी क्लास वन ऑफिसर बन सकते हैं. संचालनालय के अधिकारी संयुक्त संचालक के पद तक पहुंच सकते हैं. वन विभाग में नाकेदार के पद पर भर्ती हुआ शख्स प्रमोशन पाकर रेंजर का ओहदा भी हासिल कर सकता है.

आपको बता दे की कर्मचारियों का दर्द यह है कि आईएएस,आईपीएस, आईएफएस के दूसरे बड़े अफसर लगातार प्रमोशन पाते हैं, लेकिन कर्मचारियों के मामले में अफसर और सरकार नजरअंदाजी दिखाते हैं. प्रमोशन में आरक्षण का मुद्दा कोर्ट में पेंडिंग है और इसका असर पूरे सरकारी महकमों में दिखाई दे रहा है. कर्मचारियों ने पिछली बीजेपी की सरकार से गुहार लगाई थी लेकिन सरकार केवल कहती रह गई. कांग्रेस ने भी प्रमोशन की राह में आने वाले परेशानी को दूर करने का वचन दिया था, तब से लेकर सरकारी कर्मचारी इंतजार ही कर रहे है. लिहाजा भगवान की शरण में पहुंचने के अलावा उनके पास और कोई रास्ता नहीं है. 

पूरे मामले पर पूर्व वन मंत्री और बीजेपी विधायक विश्वास सारंग ने कहा कि यह कर्मचारियों का दर्द है. प्रमोशन ना मिल पाने की वजह से कर्मचारी जगत में असंतोष है. जो वादा कांग्रेस ने चुनाव के वक्त वचन देकर किया था उसे 8 महीने में पुराना होते देख कर्मचारियों की आस अब केवल भगवान ही रह गई है.

इस पर पलट वॉर करते हुए कांग्रेस मीडिया विभाग के उपाध्यक्ष अभय दुबे ने कहा की प्रमोशन नहीं होने की वजह बीजेपी है. दुबे ने कहा कि अपने फायदे के लिए बीजेपी सरकार ने हर वर्ग के हितों को रोक कर रखा. प्रमोशन लेना कर्मचारियों का हक है. इस मामले में कैबिनेट कमेटी बनाई गई है जो जल्द ही फैसला लेगी. कमलनाथ सरकार किसी भी वर्ग के साथ अन्याय नहीं होने देगी.