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शादी के लिए थानों के चक्कर काट रही है दुल्हन, दो महीनों से जेल में बंद है उसका दूल्हा

दुल्हन के होने वाले पति किसी आरोप में जेल में बंद हैं और शनिवार को इसकी शादी होनी है

शादी के लिए थानों के चक्कर काट रही है दुल्हन, दो महीनों से जेल में बंद है उसका दूल्हा
दुल्हन के होने वाले पति किसी आरोप में जेल में बंद हैं और शनिवार को इसकी शादी होनी है

मंदसौर (मनीष पुरोहित): मध्यप्रदेश के मंदसौर में दुल्हन के लिबास में सजी-धजी एक युवती पुलिस थानों और सरकारी दफ्तरों में गुहार लगा रही है. दरअसल, दुल्हन के होने वाले पति किसी आरोप में जेल में बंद हैं और शनिवार को इसकी शादी होनी है. काफी टाइम से यह प्रयास कर रही है कि किसी तरह से इसके पति को जमानत मिल जाए. लेकिन, जब अंत में जमानत नहीं मिली तो अब वह युवती अधिकारियों से गुहार लगा रही है कि किसी तरह 1 दिन के लिए कस्टडी में ही सही शादी की अनुमति मिल जाए और उसकी जिंदगी बर्बाद होने से बच जाए.

शादी के लिए जमानत की कोर्ट में दी थी अर्जी
लड़की के पिता महेंद्र सिंह सोलंकी बताते हैं कि शनिवार को उनकी दो बेटियों की शादी होनी है. उन्होंने मानवीय आधार पर जमानत के लिए अदालत में अर्जी दी थी. याचिका के साथ शादी की पत्रिका भी लगाई थी लेकिन पुलिस ने सहयोग नहीं किया और उनके होने वाले जमाई को जमानत नहीं मिली. अब दुल्हन को मेंहदी लग चुकी है. मेहमानों को निमंत्रण दिया जा चुका है. ऐसे में सामाजिक प्रतिष्ठा धूमिल होने के आसार दिखाई दे रहे हैं. उन्हें खुद समझ में ही नहीं आ रहा है कि वह करें तो क्या करें.

अदालत से नहीं मिली मदद तो दुल्हन ने लगाई गुहार
दुल्हन कविता मेंहदी लगने के बाद विवाह ना हो पाने की कल्पना मात्र से ही सिहर उठती है. वह कातरता से गुहार लगा रही है कि किसी भी तरह से उसके होने वाले पति हिम्मत सिंह को 1 दिन की जमानत मिल जाए ताकि उसका घर बसने से पहले ही उजड़ने से बच जाए और परिवार की साख भी सलामत रहे.

अधिकारियों ने दिलाया मदद का भरोसा
न्यायालयीन प्रक्रिया होने के कारण प्रशासनिक अधिकारी भी खुद को असहाय महसूस कर रहे हैं. लेकिन, फिर भी दुल्हन की पीड़ा को देखते हुए मदद करने को तैयार हैं. अधिकारी कह रहे हैं कि हर संभव मदद की जाएगी. वरिष्ठ अधिकारियों से मार्गदर्शन लिया जाएगा और कोशिश की जाएगी कि एक दुल्हन के सपनों का संसार ना उजड़े.

मुख्य आरोपी की तलाश में दूल्हे को छोड़ना नहीं चाह रही पुलिस
जानकारी के मुताबिक आईपीसी की धारा 304 (बी) के तहत आरोपी हिम्मत सिंह जेल में बंद है. पुलिस मामले के तीन अन्य आरोपियों को गिरफ्तार करने का दबाव बनाने के लिए चाहती है कि हिम्मत सिंह की जमानत ना हो. इसलिए शादी की पत्रिका को भी झूठा साबित किया गया है. न्यायालय भी पुलिस की रिपोर्ट के आधार पर जमानत देने से इनकार कर चुका है. मुख्य आरोपी अभी भी पुलिस की पकड़ से बाहर है. ऐसे में कविता खुद को ठगा सा महसूस कर रही है. वह समझ ही नहीं पा रही है कि आखिर मानवीय आधार पर उसकी गुहार को कौन सुनेगा और क्या उसके सपनों का संसार बस पाएगा.

मामला क्या है
दरअसल, लगभग 3 महीने पहले दलोदा रेल डाक बंगले के चौकीदार के घर एक महिला की मौत हुई थी. मृतका के परिजनों ने दहेज प्रताड़ना का मामला दर्ज करवाया था. जिस पर पुलिस ने लगभग 2 महीने पहले मुख्य आरोपी के रिश्ते में भाई हिम्मत सिंह को गिरफ्तार किया था. मुख्य आरोपी समेत तीन आरोपी फिलहाल फरार हैं.