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मध्य प्रदेश के सरकारी कर्मचारियों का पिछले एक दशक से चला आ रहा इंतजार आखिरकार खत्म हो गया है. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राज्य के अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए बड़ा फैसला लेते हुए पिछले 10 सालों से रुकी हुई प्रमोशन की प्रक्रिया को दोबारा शुरू करने की मंजूरी दे दी है. सरकार के इस कदम से प्रदेश के लाखों कर्मचारियों को सीधा लाभ मिलेगा. इस ऐतिहासिक फैसले से उत्साहित कर्मचारी संगठनों ने मंगलवार को मंत्रालय पहुंचने पर मुख्यमंत्री का ढोल-नगाड़ों और गुलदस्ते के साथ जोरदार स्वागत किया और इस बड़ी सौगात के लिए उनका आभार जताया.
इस बीच कर्मचारियों ने यह भी मांग कर दी कि जिन विभागों में यह प्रक्रिया शुरू नहीं है, वहां भी जल्द शुरू की जाए. इस पर सीएम डॉ. मोहन यादव ने उन्हें आश्वासन दिया कि जो भी अधिकारी-कर्मचारी पदोन्नति का पात्र होगा, उसे वह दी जाएगी. सरकार की इस पहल से लाखों कर्मचारियों को लाभ पहुंचेगा.
कर्मचारियों ने सीएम मोहन यादव का आभार व्यक्त किया
गौरतलब है कि, 8 जुलाई को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव कैबिनेट बैठक के लिए जैसे ही मंत्रालय पहुंचे, वैसे ही उनके स्वागत में ढोल-नगाड़े बजने लगे. अधिकारी-कर्मचारी उनके स्वागत के लिए उमड़ पड़े. कर्मचारियों ने सीएम डॉ. मोहन यादव को गुलदस्ता भेंट किया. इस मौके पर कर्मचारियों ने कहा कि हम पदोन्नति की प्रक्रिया शुरू करने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का आभार व्यक्त करते हैं.

कर्मचारी कल्याण के लिए सीएम डॉ. यादव प्रतिबद्ध
इस अवसर पर कर्मचारी कल्याण समिति, मंत्रालय कर्मचारी संघ और अजाक्स के पदाधिकारी मौजूद थे. बता दें कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि कर्मचारी कल्याण के लिए वे प्रतिबद्ध हैं. उन्होंने इस अवसर पर भी संघों के पदाधिकारियों को आश्वासन दिया कि कोई भी पात्र कर्मचारी अन्याय का शिकार नहीं होगा. उन्होंने पद संभालते ही कर्मचारी कल्याण के लिए पहल करनी शुरू कर दी थीं. उसी का परिणाम है कि आज लाखों कर्मचारियों को सीधा फायदा होने जा रहा है.