बंद पड़ी खदानों की होगी फेंसिंग, दुर्घटना रोकने के लिए प्रशासन ने उठाया अहम कदम

कलेक्टर ने निर्देश दिया है कि अगर किसी रोड या बस्ती के पास खदान खाली पड़ी है तो वहां जल्द फेंसिंग लगाकर आवश्यक होने पर सूचना बोर्ड  और रेडियम पट्टी भी लगाई जाए. 

बंद पड़ी खदानों की होगी फेंसिंग, दुर्घटना रोकने के लिए प्रशासन ने उठाया अहम कदम
(इमेज सोर्स- Mongabay)

प्रमोद शर्मा/भोपालः जिले में बंद पड़ी खदानों की फेंसिंग की जाएगी. कलेक्टर ने इस संबंध में एसडीएम और खनिज अधिकारी को निर्देश दे दिए हैं. दरअसल दुर्घटना रोकने के लिए प्रशासन ने यह कदम उठाया है. बता दें कि बरसात के मौसम में इन बंद पड़ी खदानों में पानी भर जाता है, जिसके चलते कई बार दुर्घटनाएं हो जाती हैं. यही वजह है कि अब इन खदानों की फेंसिंग की जाएगी, ताकि दुर्घटनाओं को रोका जा सके.

कलेक्टर ने निर्देश दिया है कि अगर किसी रोड या बस्ती के पास खदान खाली पड़ी है तो वहां जल्द फेंसिंग लगाकर आवश्यक होने पर सूचना बोर्ड  और रेडियम पट्टी भी लगाई जाए. 

एसडीएम करेंगे निगरानी
भोपाल कलेक्टर अविनाश लवानिया ने एसडीएम और खनिज अधिकारी को निर्देश दिए हैं कि जिले में बंद पड़ी सभी खदानों की फेंसिंग का काम अनिवार्य रूप से किया जाए. खुद एसडीएम अपने अपने क्षेत्रों में दौरे कर यह सुनिश्चित करें कि बंद पड़ी खदानों को तारों की फेंसिंग से कवर किया जाए. कलेक्टर ने कहा है कि इसके लिए अभियान चलाया जाए और सख्ती से कार्रवाई कर फेंसिंग लगवाई जाए. 

'राजस्व का नहीं होना चाहिए नुकसान'
कलेक्टर के निर्देश हैं कि जिले में जितनी भी भूमि या खदान लीज पर दी गई हैं, उनके भूमि के उपयोग के अनुसार, सभी शुल्क वसूले जाएं. किसी भी स्थिति में शासन को राजस्व का नुकसान नहीं होना चाहिए. साथ ही एसडीएम कोर्ट में खनिज के अवैध उत्खनन, भंडारण और परिवहन आदि को लेकर सभी लंबित मामलों का तुरंत निराकरण कराया जाए. कलेक्टर ने निर्देश दिया है कि ऐसे मामलों का आगामी 15 दिनों में निपटारा हो जाना चाहिए. अर्थदंड या लंबित वसूली के मामलों में कुर्की कर वसूली की कार्रवाई की जाए.