किसानों के फायदे के लिए सरकार लाने जा रही है ये योजना, निजी क्षेत्र में हो सकेगा पौधारोपण! जानिए पूरी डिटेल्स

मध्य प्रदेश सरकार एक और महत्वकांक्षी योजना लागू करने जा रही है. इस योजना का उद्देश्य निजी क्षेत्र में पौधरोपण को प्रोत्साहन देना होगा. इस योजना के तहत सरकार प्रदेश में पौधारोपण को बढ़ावा देने के साथ ही राज्य के किसानों की आय बढ़ाने पर भी फोकस करेगी.  

 किसानों के फायदे के लिए सरकार लाने जा रही है ये योजना, निजी क्षेत्र में हो सकेगा पौधारोपण! जानिए पूरी डिटेल्स
सांकेतिक तस्वीर

भोपाल: मध्य प्रदेश सरकार जनकल्याण की कई योजनाएं चलाती है. अब प्रदेश सरकार एक और महत्वकांक्षी योजना लागू करने जा रही है. इस योजना का उद्देश्य निजी क्षेत्र में पौधरोपण को प्रोत्साहन देना होगा. इस योजना के तहत सरकार प्रदेश में पौधारोपण को बढ़ावा देने के साथ ही राज्य के किसानों की आय बढ़ाने पर भी फोकस करेगी.  

क्या है ये योजना?
यह योजना प्रदेश में निजी भूमि पर वृक्षारोपण को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से प्रस्तावित की गई है. इस योजना के लिए जो विधेयक तैयार किया गया है, उसमें प्रावधान है कि उत्पादक द्वारा रोपे गए पौधों के संवर्धन और प्रबंधन की पद्धति अपनी मर्जी से की जा सकेगी. उत्पादक संबंधित ग्राम पंचायत में किसी भी जगह पर, जिसमें वृक्षारोपण किया गया, वहीं काष्ठ की टॉल स्थापित कर पाएगा. काष्ठ टॉल में इमारती लकड़ी की प्र-संस्करण इकाई स्थापित करने के लिये सशर्त सुविधा भी दी जायेगी. 

क्या है योजना का उद्देश्य?
पौधारोपण को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री वृक्षारोपण प्रोत्साहन योजना 2021 को शुरू किया गया है. प्रदेश सरकार के माध्यम से ग्राम पंचायतों की जमीन पर गैर-काष्ठ प्रजाति के वृक्षारोपण को प्रोत्साहित करने और वृक्षारोपण के माध्यम से राज्य के किसानों की आय बढ़ाने के लिए इसका आरंभ किया गया है. इस योजना के माध्यम से गैर वन क्षेत्रों मे इमारती-गैर इमारती, फलदार वृक्ष, बांस एवं लघु वनोपज और औषधीय पौधों का वृक्षारोपण करने पर हर एकड़ 10,000/- रूपए की प्रोत्साहन राशि भी प्रदान की जाएगी. जिन किसानों ने खरीफ वर्ष 2020 में धान की फसल ली है, यदि वे धान की फसल की जगह अपने खेतों में पेड़ लगाते हैं, तो उन्हें अगले 03 वर्षों के लिए प्रति एकड़ 10,000 रुपये प्रति एकड़ की दर से प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाएगी. इस योजना के तहत लाभार्थियों को दी जाने वाली राशि सीधे उनके बैंक खाते में ट्रांसफर की जाएगी. 

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यह योजना सभी जगह लागू होगी, केवल नगर पालिका में इस योजना को लागू नहीं किया जाएगा. इस योजना के लिए प्रारूप तैयार किया जा चुका है, फिलहाल सरकार जनता और स्टेक होल्डर्स के सुझाव का इंतजार कर रही है, इसके लिए सरकार ने एक महीने का समय दिया है. मुख्यमंत्री शिवराज चौहान ने पर्यावरणविदों, वन विशेषज्ञों, जनजातीय जीवन के अध्येताओं, राजस्व विभाग के विशेषज्ञों सहित जनसामान्य और किसानों से सुझाव लेने के भी निर्देश दे दिए हैं.

कैसे काम करेगी योजना
इस योजना के अंतर्गत आदिवासी वर्गों के हित संरक्षण को ध्यान में रखते हुए उनके खेतों में खड़े वृक्षों को काटने और बिक्री के नियमों के साथ किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ नहीं की गई है. इसमें शासकीय ई-पोर्टल के माध्यम से सागौन और साल का खेत या टॉल से ही बेचने और स्वयं बोली स्वीकार करने और सीधे भुगतान लेने की छूट भी दी जाएगी.

ऐसे पता करें
अपराध नियंत्रण की दृष्टि से भी वन सीमा से लगी ग्राम पंचायतों से काष्ठ परिवहन(wood transport)के लिये अनुज्ञा-पत्र लेना अनिवार्य होगा. आमजन प्रस्तावित विधेयक-2021 का फॉर्मेट mp.gov.in और वन विभाग की वेबसाइट पर जाकर देख सकते हैं.

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