साध्वी प्रज्ञा समेत कई राजनेताओं के नाम पर ट्रांसफर का बड़ा फर्जीवाड़ा! क्राइम ब्रांच करेगी जांच

इससे पहले भी मंत्रियों के नाम पर फर्जीवाड़े की शिकायतें सामने आ चुकी हैं. क्राइम ब्रांच ने हाल ही में जबलपुर से एक आरोपी को गिरफ्तार भी किया है.

साध्वी प्रज्ञा समेत कई राजनेताओं के नाम पर ट्रांसफर का बड़ा फर्जीवाड़ा! क्राइम ब्रांच करेगी जांच
फाइल फोटो.

आकाश द्विवेदी/भोपालः मध्य प्रदेश में सरकारी अधिकारियों, कर्मचारियों के ट्रांसफर के लिए सांसदों, विधायकों के फर्जी लेटर का इस्तेमाल करने का मामला सामने आया है. ताजा मामला भोपाल सांसद साध्वी प्रज्ञा ठाकुर समेत 3 सांसदों और एक विधायक से जुड़ा है. दरअसल आरोपियों ने सांसदों और विधायक के फर्जी लेटर नोट लिखकर कुछ कर्मचारियों का ट्रांसफर कराने की कोशिश की और इन फर्जी लेटर को सीएम आवास भेज दिया. हालांकि शक होने पर जब पुष्टि की गई तो मामले का खुलासा हुआ. 

ऐसे हुआ खुलासा
दरअसल भोपाल सांसद साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर, राजगढ़ सांसद रोडमल नागर, देवास सांसद महेंद्र सिंह सोलंकी और रायसेन जिले के सिलवानी से विधायक रामपाल सिंह के नाम पर फर्जी लेटर सीएम आवास भेजा गया. इन फर्जी लेटर्स में स्वास्थ्य विभाग, स्कूल शिक्षा विभाग और राजस्व विभाग के करीब 12 अधिकारियों और कर्मचारियों को ट्रांसफर कराने की मांग की गई थी. 

संदेह होने पर संबंधित सांसदों और विधायक से इसकी पुष्टि की गई. जिसके बाद इस फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ. सीएम आवास की तरफ से भोपाल क्राइम ब्रांच में इसकी शिकायत की गई है, जिसके बाद क्राइम ब्रांच ने मामले की जांच शुरू कर दी है. 

बता दें कि इससे पहले भी मंत्रियों के नाम पर फर्जीवाड़े की शिकायतें सामने आ चुकी हैं. क्राइम ब्रांच ने हाल ही में जबलपुर से एक आरोपी को गिरफ्तार भी किया है, जिस पर आरोप है कि वह मंत्रियों को निजी सचिव के नाम पर उगाही कर रहा था. आरोपी मंत्रियों के अधीन आने वाले विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों से ट्रांसफर और पोस्टिंग के नाम पर पैसे ऐंठ रहा था. 

सीएम शिवराज ने भी ऐसी घटनाओं पर चिंता जाहिर की है. सीएम शिवराज ने हाल ही में सभी कर्मचारियों और अधिकारियों को इस फर्जीवाड़े के प्रति आगाह भी किया था. आशंका जाहिर की जा रही है कि इस फर्जीवाड़े में सरकारी विभाग के लोग भी शामिल हो सकते हैं. फिलहाल मामले की गंभीरता को देखते हुए क्राइम ब्रांच जांच में जुटी है. 

इस फर्जीवाड़े के खुलासे के बाद सांसदों-विधायकों के नाम पर ट्रांसफर के लिए आए लेटर्स की भी जांच शुरू कर दी गई है. इस बात की भी जांच की जा रही है कि बीते दिनों हुए ट्रांसफर-पोस्टिंग के लिए भुगतान तो नहीं किया गया है.