NIA के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंची बघेल सरकार, कानून को अवैधानिक करने की मांग

सीएम भूपेश बघेल ने ट्वीट किया 'एनआईए कानून संविधान के तहत राज्य को दिए गए अधिकारों का हनन करता है. इसीलिए हमने इसे चुनौती देने का निर्णय लिया'.  

NIA के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंची बघेल सरकार, कानून को अवैधानिक करने की मांग
एनआईए कानून संविधान के तहत राज्य को दिए गए अधिकारों का हनन करता है: CM बघेल

रायपुर: छत्तीसगढ़ सरकार (Chhattisgarh Government) ने NIA कानून 2008 के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है. भूपेश सरकार की सुप्रीम कोर्ट से मांग है कि कानून को अवैधानिक घोषित किया जाए. छत्तीसगढ़ सरकार का तर्क है कि ये कानून केन्द्र सरकार को मनमाना अधिकार देता है. साथ ही राज्य पुलिस के जांच करने के संवैधानिक अधिकार को प्रभावित करता है. इसके बारे में जानकारी देते हुए एडवोकेट जनरल सतीश चंद्र वर्मा ने कहा कि देश में पहली बार NIA एक्ट को चुनौती दी जा रही है.

वहीं, इस संबंध में सीएम भूपेश बघेल ने ट्वीट किया 'एनआईए कानून संविधान के तहत राज्य को दिए गए अधिकारों का हनन करता है. इसीलिए हमने इसे चुनौती देने का निर्णय लिया'.

NIA कानून 2008 को अवैधानिक घोषित करने की मांग पर कांग्रेस ने कहा कि झीरमघाटी मामले में NIA की भूमिका केंद्र की बीजेपी सरकार ने तय की थी, जिस तरह से जांच की गई. उसमें पूरा विषय ही बदल दिया गया. वहीं पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह ने कहा कि NIA एक सेंट्रल एजेंसी है. ऐसे में उसे चुनौती देना समझ से परे है.

दिलचस्प बात ये है कि 26/11 हमले के बाद 2008 में जब NIA कानून बना था. तब केन्द्र में कांग्रेस की सरकार थी और आज इस कानून को चुनौती देने वाले राज्य छत्तीसगढ़ में भी कांग्रेस की सरकार है.