छत्‍तीसगढ़: जिम में वर्कआउॅट करने से बनेगी बिजली, स्‍कूल के बच्‍चों ने किया कमाल

बिलासपुर के बाल वैज्ञानिकों की टीम ने बिना कोयला, पानी का इस्तेमाल किए प्रदूषण रहित ईको एनर्जी तैयार करने का अनोखा मॉडल बनाया है. 

छत्‍तीसगढ़: जिम में वर्कआउॅट करने से बनेगी बिजली, स्‍कूल के बच्‍चों ने किया कमाल
फाइल फोटो

बिलासपुर: बिलासपुर के बाल वैज्ञानिकों की टीम ने बिना कोयला, पानी का इस्तेमाल किए प्रदूषण रहित ईको एनर्जी तैयार करने का अनोखा मॉडल बनाया है. यह मॉडल नीति आयोग को भी पसंद आया, जिसके बाद उसने इसका पेटेंट भी करा लिया है. बच्चों ने जिम में इस्तेमाल होने वाले उपकरणों की मदद से बगैर कोयला और पानी के एक घंटे में तीन किलोवॉट बिजली पैदा कर सकने वाला मॉडल तैयार किया है. जिम में जाकर पसीना बहाने के साथ ही साथ बिजली भी पैदा की जा सके तो इससे बेहतर और क्या हो सकता है. 

बाल वैज्ञानिक के मेंटर अभिषेक राज का कहना है कि आज के दौर में छोटे-बड़े तमाम शहरों में जिम का क्रेज है. युवा वर्ग सुबह-शाम घंटों जिम में बिताता है, इसीलिए इको एनर्जी का स्रोत जिम को बनाया है. बिजली पैदा करने के लिए न तो पावर प्लांट बनाने की जरूरत है और न ही भूखंड अधिग्रहण की. ये बाल वैज्ञानिक गवर्नमेंट हायर सेकेंडरी स्कूल की लैब में प्रतिदिन एक घंटे व्यायाम कर तीन किलोवॉट बिजली पैदा कर रहे हैं. बिजली बनाने के लिए बच्चों द्वारा चलाई जाने वाली दोपहिया साइकिल को प्रमुख स्रोत के रूप में इस्तेमाल किया गया है. इसके साथ ही एक विशेष प्रकार की हरक्यूलिस स्टेपल मोटर बनाई गई है, जिसे जिम में साइकिल या अन्य यंत्रों से जोड़ा जा सकता है. इससे उत्पादित होने वाली बिजली को मोटर से जोड़ी गई बैटरी में स्टोर किया जाता है. 

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प्रधानमंत्री के सामने देंगे प्रेजेंटेशन 
शुरुआती प्रयोग सफल होने के बाद अब पांच हॉर्स पावर की मोटर की जगह 15 हॉर्स पावर की मोटर लगा कर बड़ी मशीन बनाई जा रही है. इसे शहर में संचालित करीब 150 जिम में स्थापित किए जाने की योजना है. इको जिम से बिजली बनाने वाले गवर्नमेंट हायर सेकेंडरी स्कूल के बाल वैज्ञानिक शुक्रवार को दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समक्ष प्रेजेंटेशन देंगे. गुरुवार को नीति आयोग के एक्सपर्ट बी.जे. रौनक ने गवर्नमेंट स्कूल के अटल टेकरिंग लैब (एटीएल) इंचार्ज डॉ. धनंजय पांडेय को फोन कर प्रधानमंत्री कार्यालय के बैनर तले नीति आयोग के कार्यालय में होने वाले कार्यक्रम की जानकारी दी. साथ ही इको जिम से बिजली पैदा करने वाले बाल वैज्ञानिकों को प्रोजेक्ट के साथ दिल्ली पहुंचने की बात कही. 

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शहरों के जिम बनेंगे गांवों का पावरहाउॅस 
एटीएल इंचार्ज के साथ दो बाल वैज्ञानिक अतुल अग्रवाल व योगेश मानिकपुरी की टीम शुक्रवार को विमान से रायपुर से दिल्ली के लिए रवाना होगी. बिलासपुर शहर में करीब 150 जिम है. जिम जाने वाले लोगों द्वारा की जाने वाली कसरत से कितनी बिजली पैदा हो रही है, इसका सही-सही आंकड़ा जानने के लिए पहले विशेष प्रकार का एप बनाया गया है. इस एप को सभी जिमों में लगाया गया था. प्रतिदिन हम इसकी मॉनिटरिंग कर रहे थे. एक सप्ताह की मॉनिटरिंग के बाद हम इस निष्कर्ष पर पहुंचे कि एक व्यक्ति एक घंटे में एक्सरसाइज के दौरान दो से तीन किलोवॉट बिजली पैदा कर रहा है, यानी शहर के 150 जिम से इतनी बिजली पैदा हो रही है. इससे एक गांव को बिजली आपूर्ति की जा सकती है.