300 करोड़ खर्च करने के बाद भी लोगों को नहीं मिल रहा 'अमृत', सप्लाई हो रहा गंदा पानी

अमृत मिशन योजना का काम डेडलाइन के मुताबिक 2019 में पूरा हो जाना था, परंतु इस साल भी उसके पूरे होने के कोई आसार नहीं हैं. खूंटाघाट से पानी सप्लाई के लिए शुरू की गई योजना का भविष्य बांध से पानी सप्लाई पर निर्भर है.

300 करोड़ खर्च करने के बाद भी लोगों को नहीं मिल रहा 'अमृत', सप्लाई हो रहा गंदा पानी

शैलेंद्र सिंह ठाकुर/बिलासपुर: बिलासपुर नगर निगम ने 300 करोड़ रुपये साफ पानी के लिए खर्च कर दिए, लेकिन दूषित पानी से मुक्ति नहीं मिली. शहर में पेयजल सप्लाई के लिए साल 2010 से 2017 तक जल आवर्धन योजना के अंतर्गत 80 करोड़ तथा 2017 से अब तक अमृत मिशन योजना के अंतर्गत 220 करोड़ रुपए खर्च किए जा चुके हैं. लोगों को अभी दूषित पानी ही सप्लाई हो रहा है.

जल आवर्धन योजना में 17 पानी टंकियों का निर्माण किया गया और 171 किलोमीटर वितरण पाइप लाइन बिछाई गई. अमृत मिशन योजना के अंतर्गत शहर में 3 पानी टंकियों का निर्माण हो चुका है व 247 किलोमीटर पाइप लाइन बिछाई जा चुकी है. योजना का काम अधूरा है. 

वार्डों में अभी भी सप्लाई हो रहा गंदा पानी
इन योजनाओं के अंतर्गत नगर निगम ने वार्डों में ट्यूबवेल उत्खनन, मोटर पम्प, पाइपलाइन व मेंटेनेंस के कार्यों के लिए हर साल करोड़ों रुपए खर्च किए. इसके बावजूद वार्डों में कम पानी आने और गंदे पानी की समस्या हल नहीं हो पाई. 

बादशाह के साथ स्वैग में नजर आया 'बचपन का प्यार' वाला सहदेव, देखिए तस्वीर, रैपर ने कही ये बात

आधा-अधूरा काम
अमृत मिशन योजना का काम डेडलाइन के मुताबिक 2019 में पूरा हो जाना था, परंतु इस साल भी उसके पूरे होने के कोई आसार नहीं हैं. खूंटाघाट से पानी सप्लाई के लिए शुरू की गई योजना का भविष्य बांध से पानी सप्लाई पर निर्भर है, परंतु योजना के नेटवर्क का फायदा जरूर शहर की पेयजल सप्लाई को सुचारू करने में लिया जा सकता है. पर न तो तीन पानी टंकियों और न ही बिछाई गई सारी पाइप लाइनों का उपयोग हो रहा है.

PM Kisan Yojana: किसानों के लिए खुशखबरी, इस दिन आपके खाते में आएगी 9वीं किस्त, जानिए पूरी डिटेल्स 

क्या कहना है आयुक्त का?
इस मामले में बिलासपुर नगर निगम आयुक्त अजय शंकर त्रिपाठी ने बताया कि यह महत्वाकांक्षी योजना है. अमृत जल योजना के तहत सतही जल का प्रयोग करेंगे. खूंटाघाट से पानी लाकर पूरे शहर में जल प्रदाय किया जाएगा. पहले पानी ट्रीट किया जाएगा इसके बाद 20 टंकियों में चढ़ाया जाएगा और इसके बाद सप्लाई किया जाएगा. 

WATCH LIVE TV