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सुरभि गौधाम के नाम से जाने जाएंगे छत्तीसगढ़ के गौधाम, CM ने गौधाम योजना का किया शुभारंभ

Gaudham Scheme: छत्तीसगढ़ में निराश्रित और घुमंतू गौवंश के सरंक्षण के लिए राज्य सरकार ने गौधाम योजना की शुरूआत की. शनिवार को मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने बिलासपुर जिले के तखतपुर विकासखंड के ग्राम लाखासार में स्थित गौधाम का शुभारंभ किया. कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने गोमाता की विधिवत पूजा-अर्चना की और इसके बाद गौधाम परिसर का निरीक्षण कर वहां की व्यवस्थाओं की जानकारी भी ली. उन्होंने अधिकारियों से गौधाम में पशुओं की देखभाल, चारे औप अन्य सुविधाओं को लेकर विस्तार से चर्चा की.

 

'गौसेवा सबसे बड़ा पुण्य कार्य'

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'गौसेवा सबसे बड़ा पुण्य कार्य'

वहीं केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू ने कहा कि गाय हमारी आस्था और संस्कृति का आधार है. उन्होंने कहा कि गाय के दूध, दही, घी, गोबर और गोमूत्र से हमें पंचतत्व की प्राप्ति होती है, इसलिए गौसेवा सबसे बड़ा पुण्य कार्य है. कार्यक्रम में मौजूद अन्य नेताओं ने भी इस योजना को ग्रामीण विकास और पशुपालकों के लिए बेहद सराहनीय पहल बताया. 

 

गौधाम योजना का भव्य शुभारंभ

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गौधाम योजना का भव्य शुभारंभ

बिलासपुर के गुरु घासीदास विश्वविद्यालय के ऑडिटोरियम में प्रदेश की महत्वाकांक्षी गौधाम योजना का भव्य शुभारंभ किया गया. कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए. उनके साथ केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू मंत्री रामविचार नेताम और बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि व कार्यकर्ता भी मौजूद रहे. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मंच से बटन दबाकर योजना का विधिवत शुभारंभ किया. इस दौरान पशुपालकों का सम्मेलन भी आयोजित किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में किसान और पशुपालक शामिल हुए.

 

19 एकड़ जमीन पर की जाएगी चारे की खेती

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19 एकड़ जमीन पर की जाएगी चारे की खेती

सीएम ने गौधाम में बेसहारा और आवारा पशुओं की देखभाल, चारे, पानी और स्वास्थ्य संबंधी व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया और साथ ही चारागाह का भी दौरा किया. गौधाम को लखासर गांव में लगभग 25 एकड़ के क्षेत्र में विकसित किया गया है, जिसमें से 19 एकड़ जमीन पर पशुओं के लिए हरे चारे की खेती की जा रही है. इस गौधाम का प्रबंधन 'कामधेनु गौशाला समिति' द्वारा किया जा रहा है.

 

सभी गौधाम कहलाएंगे सुरभि गौधाम

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सभी गौधाम कहलाएंगे सुरभि गौधाम

सीएम ने कहा कि राज्य सरकार पशुधन की सुरक्षा और आवारा पशुओं की देखभाल के लिए पूरे राज्य में 'गौधाम योजना' को चरणबद्ध तरीके से लागू कर रही है. इस पहल से न केवल गौ-सेवा की परंपरा मजबूत होगी, बल्कि पशुधन संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा. इस अवसर पर उन्होंने घोषणा की कि राज्य के सभी गौधाम अब से 'सुरभि गौधाम' के नाम से जाने जाएंगे.

 

एक साथ 29 गौधाम योजनाओं की शुरुआत

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एक साथ 29 गौधाम योजनाओं की शुरुआत

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि आज प्रदेश में एक साथ 29 गौधाम योजनाओं की शुरुआत की जा रही है. उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में गाय को माता का दर्जा दिया गया है और सदियों से उसकी पूजा की जाती रही है. गाय केवल आस्था का प्रतीक ही नहीं बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था की भी मजबूत आधार है. 

 

गौधामों में किसानों को मिलेगा प्रशिक्षण

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गौधामों में किसानों को मिलेगा प्रशिक्षण

सीएम ने बताया कि गाय का दूध, दही, घी ही नहीं बल्कि गोबर और गोमूत्र भी बेहद उपयोगी होते हैं. सीएम यह भी कहा कि गौधामों में किसानों और पशुपालकों को प्रशिक्षण दिया जाएगा. उन्हें सिखाया जाएगा कि गोबर और गोमूत्र से जैविक खाद, औषधि और अन्य उपयोगी उत्पाद कैसे तैयार किए जा सकते हैं.