MP: विधानसभा तक BJP विधायकों का पैदल मार्च, युवाओं के साथ छल करने का लगाया आरोप

एप्रिन पर सरकार विरोधी नारे लिखे हुए थे. सभी विधायक पैदल मार्च करते हुए विधानसभा पहुंचे और कमलनाथ सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की. 

MP: विधानसभा तक BJP विधायकों का पैदल मार्च, युवाओं के साथ छल करने का लगाया आरोप
फाइल फोटो

भोपाल: मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) की राजधानी भोपाल (Bhopal) में गुरुवार को BJP विधायकों ने पैदल मार्च निकालकर कमलनाथ सरकार पर युवाओं के साथ छल करने का आरोप लगाया. भाजपा विधायकों ने बिड़ला मंदिर से विधानसभा तक पैदल मार्च निकाला. इस मार्च में शामिल हुए विधायकों ने कमलनाथ सरकार द्वारा युवाओं से किए गए छलावे का एप्रिन पहना.

इस दौरान, नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव ने कहा कि कमलनाथ सरकार युवाओं के साथ किए गए वादों को पूरा नहीं कर रही है. राज्य के युवाओं से चुनाव के पहले जो वादे किए गए थे, उन पर अमल नहीं हुआ है. युवाओं के हक के लिए भाजपा का संघर्ष जारी रहेगा.

दरअसल, बीजेपी विधायक दल की बैठक में तय किया गया था कि शीतकालीन सत्र में विधानसभा की कार्यवाही शुरु होने के पहले रोज बीजेपी विधायक विधानसभा तक पैदल मार्च करेंगे. हर दिन किसी न किसी विषय पर सभी 108 विधायक पैदल मार्च करते हुऐ विधानसभा पहुचेंगे और उसके बाद सदन की कार्यवाही में भाग लेंगे.

बता दें कि बुधवार को शीतकालीन सत्र के दूसरे दिन भी विपक्ष बेहद आक्रामक दिखा. एकजुट होकर विपक्ष ने भोपाल के बिड़ला मंदिर से विधानसभा तक यूरिया की किल्लत और किसानों के मुद्दे पर विरोध स्वरूप पैदल मार्च निकाला.

मध्य प्रदेश BJP के सभी दिग्गज नेता और विधायक एप्रिन पहनकर विधानसभा पैदल मार्च करते हुए पहुंचे और कमलनाथ सरकार पर किसान विरोधी होने का आरोप लगाया. इस दौरान, बीजेपी ने सड़क से लेकर सदन तक सरकार को घेरा.

पैदल मार्च में मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव, पूर्व मंत्री डॉ नरोत्तम मिश्रा, विश्वास सारंग, राजेन्द्र शुक्ल ,यशोधरा राजे सिंधिया यशपाल सिंह सिसोदिया समेत बीजेपी के सभी विधायक शामिल हुए. सभी विधायकों ने एप्रिन पहनकर पैदल मार्च किया.

एप्रिन पर सरकार विरोधी नारे लिखे हुए थे. सभी विधायक पैदल मार्च करते हुए विधानसभा पहुंचे और कमलनाथ सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की. बीजेपी विधायकों ने अलग-अलग नारों वाली एप्रिन पहन रखी थी. जिस में यूरिया संकट, फसल बीमा में देरी और बाढ़ राहत राशि जल्द देने की मांग लिखी हुई थी. सदन में भी विपक्ष के द्वारा लाये गए 139 के तहत यूरिया संकट पर चर्चा कराने के प्रस्ताव पर चर्चा हुई.