बीजेपी कार्यकर्ताओं के महाकुंभ से फूंका जाएगा मप्र में 'चुनावी शंखनाद'

मध्यप्रदेश बीजेपी ने पार्टी के विचारक पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती के अवसर पर 25 सितम्बर को भोपाल में बीजेपी कार्यकर्ताओं का प्रदेशस्तरीय सम्मेलन ‘महाकुंभ’ आयोजित करने का ऐलान किया है.

बीजेपी कार्यकर्ताओं के महाकुंभ से फूंका जाएगा मप्र में 'चुनावी शंखनाद'
फाइल फोटो

भोपाल: मध्यप्रदेश बीजेपी ने पार्टी के विचारक पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती के अवसर पर 25 सितम्बर को भोपाल में बीजेपी कार्यकर्ताओं का प्रदेशस्तरीय सम्मेलन ‘महाकुंभ’ आयोजित करने का ऐलान किया है. प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष राकेश सिंह ने सोमवार को कहा, ‘‘पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी की 102वीं जयंती के मौके पर 25 सितम्बर को होने वाले इस कार्यकर्ता महाकुंभ के जरिए पार्टी प्रदेश में अपने चुनाव प्रचार अभियान की शुरूआत कर देगी. भेल के जम्बुरी मैदान पर होने वाले इस महाकुंभ में बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह प्रदेश भर से आए पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करेंगे. हमने इस आयोजन के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को भी आमंत्रित किया है.’’

2013 में भी महाकुंभ के जरिए की थी प्रचार अभियान की शुरूआत
राकेश सिंह ने बताया कि पहले मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की जनआर्शीवाद यात्रा का समापन इस महाकुंभ में होना था, लेकिन अब 25 सितम्बर के बाद भी जारी रहेगी. प्रदेश अध्यक्ष ने इस साल के अंत में होने वाले विधानसभा चुनावों के बाद चौथी बार प्रदेश में बीजेपी की सरकार बनने का दावा करते हुए कहा कि वर्ष 2008 और वर्ष 2013 के विधानसभा चुनाव से पहले भी बीजेपी ने इस प्रकार के महाकुंभ के जरिए पार्टी के चुनाव प्रचार अभियान की शुरूआत की थी.

सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री की जन-आर्शीवाद यात्राओं में उमड़ रही लोगों की भारी भीड़ से हमें यह विश्वास है कि इस बार बीजेपी 2013 के विधानसभा चुनाव से भी अधिक सीटें हासिल कर प्रदेश में अपनी सरकार बनाएगी.

ठहाके लगाते हुई तस्वीरें गलत तरीके से की जा रही हैं पेश
पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के अस्थि कलश के साथ बीजेपी नेताओं के कथित हंसते और ठहाके लगाते हुई तस्वीरों के सोशल मीडिया में वायरल होने के बारे में सिंह ने कहा कि ये तस्वीरें तोड़ मरोड़कर पेश की जा रही हैं. उन्होंने कहा कि लोग अटल जी की अंतिम यात्रा में शामिल होना चाहते थे, दर्शन करना चाहते थे, लेकिन सब के लिए एक साथ ऐसा कर पाना संभव नहीं था.

उन्हीं लोगों को एक अवसर देने के लिए स्वर्गीय अटल जी की अस्थिकलश यात्रा निकाली गईं. उन्होंने कहा कि इससे पहले पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय जवाहरलाल नेहरू और इंदिरा गांधी की अस्थियां भी पूरे देश में विसर्जित की गई थीं.

(इनपुट भाषा से)