सड़क पर उतरे बे'बस' चालकों ने दी हड़ताल की चेतावनी, सरकार से की आर्थिक मदद की मांग

कोरोना काल में बसों पर लगने वाले टैक्स को लेकर बस ऑपरेटरों और सरकार के बीच छिड़ा विवाद अब खत्म हो गया है. लेकिन अब भी बसों के रफ्तार भरने पर सस्पेंस बरकरार है. क्योंकि चालकों  ने अपनी मांगे पूरी ना होने तक हड़ताल की चेतावनी दी है.

सड़क पर उतरे बे'बस' चालकों ने दी हड़ताल की चेतावनी, सरकार से की आर्थिक मदद की मांग
फाइल फोटो

कर्ण मिश्रा/जबलपुर: कोरोना काल में बसों पर लगने वाले टैक्स को लेकर बस ऑपरेटरों और सरकार के बीच छिड़ा विवाद अब खत्म हो गया है. लेकिन अब भी बसों के रफ्तार भरने पर सस्पेंस बरकरार है. क्योंकि चालकों  ने अपनी मांगे पूरी ना होने तक हड़ताल की चेतावनी दी है. उनका कहना है कि जब तक सरकार उनकी मांगों को पूरा नहीं कर देती, तब कर पहिए नहीं घूमेंगे. इसके लिए जबलपुर कलेक्टर को बकायदा लेटर पेड़ पर रविवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने की सूचना भी दे दी गई है. 

शिवराज सरकार के खिलाफ चालक-परिचालकों में आक्रोश देखा जा रहा है. अपना विरोध दर्ज कराते हुए शनिवार को उन्होंने आईएसबीटी जबलपुर में एक सांकेतिक प्रदर्शन किया और चेतावनी दी कि अगर सरकार ने उनकी मांगों पर या उन्हें आर्थिक सहायता मुहैया कराने पर कोई ध्यान नहीं दिया, तो उपचुनाव में भी बसों का संचालन नहीं किया जाएगा. अपने इस विरोध की आवाज को जबलपुर चालक परिचालक संघ ने मध्य प्रदेश की अन्य इकाइयों तक भी पहुंचाया है और उनसे भी समर्थन की अपील की है.

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बेशक बस ऑपरेटरों की मांग मानने के बाद सरकार ने करोड़ों का टैक्स माफ कर दिया, लेकिन चालक-परिचालकों की ओर कोई भी ध्यान नहीं दिया गया है. वे पांच महीने बिना किसी कमाई के गुजर बसर करने के बाद अपने लिए कुछ आर्थिक मदद की आस लिए बैठे हैं. बस ऑपरेटरों ने भी अपने मांग पत्र में चालक-परिचालकों का जिक्र किया था लेकिन सरकार की ओर से कोई घोषणा अब तक नहीं की गई हैं.

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