नक्सलियों की राजधानी कहे जाने वाले धर्मारम गांव में पुलिस की दस्तक, जानिए क्या है वजह

बीजापुर का धर्मारम गांव भौगोलिक रूप से नक्सलियों के लिये अनुकूल है. तेलंगाना सीमा से लगे यह धर्मारम गांव नक्सलियों के राजधानी के रूप में देखा जाता है. 

नक्सलियों की राजधानी कहे जाने वाले धर्मारम गांव में पुलिस की दस्तक, जानिए क्या है वजह
सांकेतिक तस्वीर

दंतेवाड़ा: छत्तीसगढ़ के सबसे मोस्ट वांटेड नक्सली हिरमा की मांद में बीजापुर पुलिस ने अब दस्तक दे दी है. इन दिनों नक्सलियों के राजधानी माने जाने वाले पामेड़ और धर्मारम में बीजापुर पुलिस कैम्प खोलने में जुटी हुई है. लगातार पुलिस और नक्सलियों के बीच हो रही मुठभेड़ और गोलीबारी के बीच बीजापुर SP खुद मोर्चा संभाल कर इस कैम्प को व्यवस्थित करने में जुटे हुए है. 

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नदी पार से करते है गोलीबारी
बस्तर का सबसे मोस्ट वांटेड नक्सली हिरमा जिसके सर पर सैकड़ो हत्याओं का मामला दर्ज है. उसकी मांद माने जाने वाला क्षेत्र धर्मारम में इन दिनों बीजापुर पुलिस स्थायी पुलिस कैम्प खोलने में जुटी हुई है. धर्मारम में जिस जगह कैम्प खुल रही है, इसी कैम्प से बीजापुर की जीवनदायिनी नदियों में से एक चिंताबागु नदी लगी हुई है. इस चिंताबागु नदी पार से प्रत्येक दिन नक्सली सुरक्षाबलों पर गोलीबारी करते है. किंतु इस गोलीबारी के बीच भी जवान कैम्प को स्थापित करने में लगे हुए है. बीजापुर sp कमलोचन कश्यप खुद जवानों के हौसला बढ़ाने के लिए मैदान में डटे हुए है.

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नक्सलियों का गढ़ है
बीजापुर का धर्मारम गांव भौगोलिक रूप से नक्सलियों के लिये अनुकूल है. तेलंगाना सीमा से लगे यह धर्मारम गांव नक्सलियों के राजधानी के रूप में देखा जाता है. इस धर्मारम गांव तक पहुंचने के लिए बीजापुर जिले से कोई सीधा रास्ता नहीं है. धर्मारम तक पहुंचने के लिए बीजापुर से तेलंगाना राज्य होते हुए करीब 200 किमी का रास्ता तय कर ही यहां पहुंचा जा सकता है. नक्सलियों के लिए अनुकूल इस धर्मारम में कैम्प खुल जाने के बाद नक्सलियों का एक बेहद बड़ा आधारभूत क्षेत्र उनसे छीना जाएगा. जिसके वजह से शासन प्रशासन का दखल इन क्षेत्रों में सीधे तौर पर हो जाएगी.

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