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हिरासत में शिवम की मौत मामले की सीबीआई जांच हो: शिवराज सिंह चौहान

चौहान ने मुख्यमंत्री कमलनाथ से मांग की कि जिन्होंने बेरहमी से शिवम की पिटाई की उन पर हत्या का प्रकरण दर्ज होना चाहिए. 

हिरासत में शिवम की मौत मामले की सीबीआई जांच हो: शिवराज सिंह चौहान
मामले में बैरागढ़ थाना प्रभारी सहित 5 पुलिसकर्मी निलंबित है. (फाइल फोटो)

भोपाल: मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने राजधानी भोपाल के बैरागढ़ पुलिस थाने में शिवम मिश्रा की दो दिन पहले पुलिस हिरासत में मौत मामले की सीबीआई जांच की शुक्रवार को मांग की. उन्होंने कहा कि जिन पुलिसकर्मियों ने बेरहमी से शिवम की पिटाई की उन पर हत्या का मामला दर्ज होना चाहिए.

शिवम मिश्रा की हत्या के विरोध एवं उसके वृद्व माता-पिता को न्याय दिलाने के लिए यहां भारत माता चौराहा पर आयोजित धरने को संबोधित करते हुए चौहान ने कहा, ‘‘राजधानी भोपाल में जहां मुख्यमंत्री और मंत्री बैठते हैं. पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) और पूरा प्रशासन यहां है. लेकिन इन सबकी नाक के नीचे पुलिस हिरासत में जिस बर्बरता से नरपिशाचों ने एक नौजवान बेटे को मार डाला, यह कोई साधारण घटना नहीं बल्कि हत्या है.’’ उन्होंने कहा, ‘‘ऐसे हत्यारों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए.

हत्या का मामला दर्ज करने की मांग
चौहान ने मुख्यमंत्री कमलनाथ से मांग की कि जिन्होंने बेरहमी से शिवम की पिटाई की उन पर हत्या का प्रकरण दर्ज होना चाहिए. इस घटना की सीबीआई जांच हो. ताकि दूध का दूध और पानी का पानी हो सके. उन्होंने सरकार से शिवम की बहन को नौकरी देने और परिवार को आर्थिक सहायता देने की भी मांग की.

राज्यपाल को सौंपा ज्ञापन
इस धरने में शिवम के माता-पिता, बहन और परिजन भी शामिल हुए. धरने के बाद चौहान पीड़ित परिवार के साथ राजभवन पहुंचकर राज्यपाल आनंदीबेन पटेल से मिले. राज्यपाल ने शिवम के परिजनों से पूरी घटना की जानकारी ली. शिवम के पिता ने राज्यपाल को सीबीआई जांच कराने की मांग वाला ज्ञापन सौंपा.

कांग्रेस ने किया पलटवार
वहीं, मध्यप्रदेश कांग्रेस मीडिया विभाग की अध्यक्ष शोभा ओझा ने चौहान पर शिवम की मौत पर सियासत करने का आरोप लगाते हुए यहां संवाददाताओं से कहा, ‘‘जब शिवराज सिंह चौहान मुख्यमंत्री थे, तब उनके शासनकाल में मध्यप्रदेश में वर्ष 2016 से वर्ष 2018 तक तीन साल में पुलिस हिरासत में 384 लोगों की मौत हुई. तब उन्होंने कितने परिवारों के घर जाकर संवेदनाएं व्यक्त की? कितने परिवारों के व्यक्तियों को शासकीय नौकरियां दिलाई? कितनों को न्याय दिलाया? जनता को बतायें.’’ 

पांच पुलिसकर्मी हैं निलंबित
गौरतलब है कि मंगलवार-बुधवार की रात शिवम की कार यहां बैरागढ़ इलाके में बीआरटी कॉरिडोर से टकरा गई थी. इसके बाद पुलिस उसे बैरागढ़ पुलिस थाने ले गई थी, जहां पुलिस हिरासत में उसकी मौत हो गई थी. परिजनों ने पुलिसकर्मियों की पिटाई से शिवम की मौत होने का आरोप लगाया, जबकि पुलिस का कहना है कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में मौत का कारण दिल का दौरा पड़ना है. इस मामले में बैरागढ़ थाना प्रभारी सहित पांच पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया है.