close

खास खबरें सिर्फ आपके लिए...हम खासतौर से आपके लिए कुछ चुनिंदा खबरें लाए हैं. इन्हें सीधे अपने मेलबाक्स में प्राप्त करें.

मध्य प्रदेश में भी दिखी छठ पूजा की धूम, उगते सूर्य को अर्घ्य देने के साथ व्रत हुआ पूरा

छठ के महापर्व में आज उगते सूर्य को अर्घ्य दिया गया. चार दिन तक चलने वाला कठिन व्रत उगते सूर्य को अर्घ्य देने के साथ ही खत्म हुआ. इस दौरान मध्य प्रदेश के भी कई क्षेत्रों में छठ की धूम देखने को मिली. 

मध्य प्रदेश में भी दिखी छठ पूजा की धूम, उगते सूर्य को अर्घ्य देने के साथ व्रत हुआ पूरा
(फाइल फोटो)

भोपालः छठ के महापर्व में आज उगते सूर्य को अर्घ्य दिया गया. चार दिन तक चलने वाला कठिन व्रत उगते सूर्य को अर्घ्य देने के साथ ही खत्म हुआ. इस दौरान मध्य प्रदेश के भी कई क्षेत्रों में छठ की धूम देखने को मिली. भोपाल (Bhopal) के बड़ा तालाब पर शीतलदास की बगिया पर बड़ी संख्या में लोगों ने छठ पूजन किया और उगते सूर्य को अर्घ्य देने के साथ ही महिलाओं का व्रत पूरा हुआ. इस दौरान जनसंपर्क मंत्री पीसी शर्मा भी शीतल दास की बगिया पहुंचे और लोगों को छठ पर्व की बधाई दी.

बिहार के सबसे बड़े पर्व छठ पूजा का उत्साह मध्यप्रदेश के रतलाम (Ratlam) में भी देखने को मिला, यहां के कालिका माता मंदिर के पास स्थित झाली तालाब पर छठ पूजा के लिए काफी संख्या में महिलाएं-पुरुष पहुंचे. हनुमान ताल तालाब पर भी छठ पूजा को लेकर हुजूम नजर आया. इस पारंपरिक पर्व को मनाने आए परिवारों ने डूबते सूर्य और आज सुबह जल्दी आकर उगते सूर्य को भी अर्घ दिया और अपना व्रत पूरा किया. 

देखें LIVE TV

तालाब में डूबे लड़के को ढूंढने के लिए होमगार्ड ने परिजनों से मांगे पेट्रोल के पैसे, फिर चलाई बोट

हालांकि इस पर्व को बिहार में ज्यादा संख्या में लोग मनाते हैं, लेकिन देश के अन्य राज्यों में भी इसकी झलक देखने को मिल ही जाती है. चार दिनों तक चलने वाला छठ व्रत दुनिया के सबसे कठिन व्रतों में से एक माना जाता है. स्त्रियां अपने सुहाग और बेटे की रक्षा करने के लिए भगवान सूर्य के लिए 36 घंटों का निर्जला व्रत रखती हैं.

पिता राज्य तो बेटा राजधानी, जानिए क्या है 'मध्य प्रदेश' और 'भोपाल सिंह' के नाम के पीछे की कहानी

छठ पूजा में सुहाग की रक्षा के लिए स्त्रियां बड़ी निष्ठा और तपस्या से व्रत रखती हैं. छठ पूजा में भी महिलाओं को माथे से लेकर मांग तक लंबा सिंदूर लगाए हुए देखा जाता है. इसके पीछे मान्यता है कि इससे सुहाग अमर रहता है.