छत्तीसगढ़ः खाना-पानी न मिलने से 30 गायों की मौत

फसलों को नुकसान पहुंचता देख ग्रामीणों ने 400 गायों को एक छोटे से कांजी हाउस में बंद कर दिया.

छत्तीसगढ़ः खाना-पानी न मिलने से 30 गायों की मौत
करीब 1 हफ्ते से बिना चारा-पानी एक कमरे में बंद थी गायें

नई दिल्लीः देश में जहां एक ओर गौ रक्षा के नाम पर प्रदर्शन और हिंसा हो रही है तो वहीं छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार में गायें बिना खाना और पानी के दम तोड़ रही हैं. बालोदाबाजर के रोहांसी गांव में 30 गायों के मरने की खबर सामने आई है. दरअसल, रोहांसी गांव में करीब 400 मवेशी खुले में घूम रहे थे और किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचा रहे थे, फसलों को नुकसान पहुंचता देख ग्रामीणों ने 400 गायों को एक छोटे से कांजी हाउस में बंद कर दिया, कांजी हाउस में ठूंस ठूंस कर भरे मवेशियों के लिए न तो चारे की व्यवस्था की गई और न ही पानी की. बाद में कुछ मवेशियों को छोड़ दिया गया, लेकिन 100 गायें कांजी हाउस के कमरे में ही बंद रह गई और भूख और प्यास से तड़पती रहीं. जिनमें से 30 गायों ने दम तोड़ दिया. 

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गांव के सरपंच ने पलारी थाने को दी सूचना
गायों की मौत के बाद बस्ती के बीच में बने कांजी हाउस से जब तेज बदबू आने लगी जिसके बाद जब कांजी हाउस के दरवाजे को तोड़ा गया तो अंदर का नजारा सब हैरान रह गए. अंदर एक दो नहीं बल्कि 30 गायें मेरी हुई पड़ी थीं. जिसके बाद ग्रामीणों के हाथ पैर फूल गए, गांव के सरपंच ने आनन फानन में पलारी थाने को इसकी सूचना दी जिसके जनपद CEO और वेटनरी डॉक्टरों की टीम गांव पहुचीं. जहां गायों को कांजी हाउस से निकाल कर पी एम करने के बाद दफनाया गया.

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इससे पहले पौसरी गांव के गौ शाला में 80 गायों की मौत हो चुकी है
बता दें जिले में गायों की मौत का ये कोई नया मामला नहीं है इससे पहले भी पौसरी गांव के गौ शाला में 80 गायों की मौत हो चुकी है. बलौदाबाजार जिले में लगातार हो रही गायों की मौतों पर प्रशासन के ऊपर सवाल खड़े हो रहे हैं. पौसरी गांव में हुए गायों की मौतों के जिम्मेदारों पर आज तक कोई कार्यवाही नहीं हुई है ऐसे में रोहांसी गांव में हुई गायों की मौतों ने एक नए विवाद को जन्म दे दिया है.