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छत्तीसगढ़ चुनाव 2018: सरायपाली में क्या BJP से हार का बदला ले पाएगी कांग्रेस ?

ओडिशा और रायगढ़ जिले की सीमा से लगे सरायपाली कभी कांग्रेस का गढ़ माना जाता था, लेकिन क्षेत्र में भाजपा प्रत्याशी के जीतने के बाद से हर चुनाव में एक अलग ही परिणाम देखने को मिलता रहा है.

छत्तीसगढ़ चुनाव 2018: सरायपाली में क्या BJP से हार का बदला ले पाएगी कांग्रेस ?
फाइल फोटो

रायपुरः छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले की सरायपाली विधानसभा सीट अभी बीजेपी के पास है, लेकिन अंतिम तीन चुनाव परिणाम देखें तो इस सीट पर कोई भी पार्टी लगातार दो बार जीत दर्ज नहीं कर पाई है. सरायपाली में बीजेपी और कांग्रेस के बीच हार मुकाबला चलता रहता है. सरायपाली सीट के जातीय समीकरण की बात की जाए तो यह सीट अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित है. अनुसूचित जाति वोट 50 प्रतिशत से अधिक होने से इन क्षेत्रों को आरक्षित किया गया है. बता दें ओडिशा और रायगढ़ जिले की सीमा से लगे सरायपाली कभी कांग्रेस का गढ़ माना जाता था, लेकिन क्षेत्र में भाजपा प्रत्याशी के जीतने के बाद से हर चुनाव में एक अलग ही परिणाम देखने को मिलता रहा है.

2013 विधानसभा चुनाव नतीजे
2013 के चुनाव में इस सीट पर बीजेपी के रामलाल चौहान का कब्जा रहा. 2013 के चुनाव में उन्हें 82,064 वोट मिले थे, जबकि उनके प्रतिद्वंद्वी कांग्रेस के प्यारेलाल को 53,232 वोट ही मिल सके.

2008 विधानसभा चुनाव नतीजे
बता दें 2008 के विधानसभा चुनाव में सरायपाली की जनता ने कांग्रेस प्रत्याशी हर्षवर्धन भरद्वाज ने जीत दर्ज कराई थी. चुनाव में उन्होंने 64,456 वोट हासिल किए थे. जबकि भारतीय जनता पार्टी उम्मीद्वार नीरा चौहान 48,234 वोट ही हासिल कर पाईं.

छत्तीसगढ़ राज्य
बता दें छत्तीसगढ़ में कुल 90 विधानसभा सीटें हैं. राज्य में कुल 11 लोकसभा सीटें और 5 राज्य सभा सीटें हैं. राज्य की 90 विधानसभा सीटों में से 51 सामान्य, 10 एससी और 29 सीटें एसटी के लिए आरक्षित हैं. 2013 में हुए विधानसभा चुनावों में भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस को लगातार तीसरी बार मात देते हुए सरकार बनाई थी. 

2013 छत्तीसगढ़ चुनाव नतीजे...
2013 में सीएम रमन सिंह की अगुवाई में हुए चुनाव में भाजपा ने कुल 49 सीटों पर जीत दर्ज कराई थी. बता दें छत्तीसगढ़ में इस बार भी कांग्रेस और भाजपा के बीच ही मुकाबला बताया जा रहा है. 2013 में भी कांग्रेस ने कुल 39 सीटों पर जीत पाई थी और 2 सीटों पर अन्य को जीत मिली थी. बता दें रमन सिंह पिछले 15 सालों से राज्य के मुख्यमंत्री हैं.