छत्तीसगढ़ चुनाव 2018: कुरुद में विकास के आधार पर जनता चुनती है अपना नेता

कुरूद की जनता हर बार ही अपना नेता बदलती रहती है. इसलिए यहां यह कह पाना बेहद मुश्किल है कि आने वाले चुनावों में किसकी जीत होगी और किसकी हार.

छत्तीसगढ़ चुनाव 2018: कुरुद में विकास के आधार पर जनता चुनती है अपना नेता
फाइल फोटो

धमतरीः छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले की कुरुद विधानसभा सीट प्रदेश के उन क्षेत्रों में से एक है जहां जनता अपना नेता विकास के आधार पर चुनती है. जनता अक्सर क्षेत्र के विकास और अव्यवस्थाओं का आकलन करती है, उसके बाद ही अपना नेता चुनती है. कुरूद की जनता हर बार ही अपना नेता बदलती रहती है. इसलिए यहां यह कह पाना बेहद मुश्किल है कि आने वाले चुनावों में किसकी जीत होगी और किसकी हार.

कुरुद विधानसभा सीट
प्रदेश की सामान्य विधानसभा सीटों में से एक कुरूद प्रतिनिधि के अपनी उम्मीदों पर खरा न उतरने पर पिछले तीन विधानसभा चुनावों से अपना नेता बदलती आ रही है. वहीं आम आदमी पार्टी द्वारा अपना प्रत्याशी घोषित कर देने के बाद से क्षेत्र में मुकाबला और भी दिलचस्प होता दिखाई दे रहा है. बता दें आम आदमी पार्टी ने साल के अंत में होने वाले विधानसभा चुनावों के लिए तेजेंद्र तोड़ेकर को प्रत्याशी घोषित किया है. 

2003 विधानसभा चुनाव नतीजे
बता दें इस क्षेत्र में हमेशा से ही भाजपा और कांग्रेस के बीच मुकाबला रहा है. 2003 के विधानसभा चुनाव में भाजपा प्रत्याशी अजय चंद्राकर ने 56,247 वोटों के साथ कुरूद में जीत दर्ज कराई थी. वहीं कांग्रेस प्रत्याशी भूलेश्वरी दीपा साहू को कुल 53,538 वोट ही मिले थे. 

2008 विधानसभा चुनाव नतीजे
वहीं 2008 के चुनावों में कांग्रेस प्रत्याशी ने इस सीट पर जीत हासिल की थी. कांग्रेस की ओर से लेखाराम साहू ने 64,298 वोटों के साथ इस सीट पर जीत हासिल की थी. वहीं उनकी तुलना में भाजपा के अजय चंद्राकर को 58,094 वोट ही मिल सके.

2013 विधानसभा चुनाव नतीजे
2008 के चुनावों में हार का मुंह देखने के बाद अजय चंद्राकर ने 2013 के चुनावों से फिर वापसी की और कुल 83,190 वोट पाते हुए कांग्रेस के लेखाराम साहू को 27,177 वोटों से हरा कर बड़ी कामयाबी हासिल की. कांग्रेस प्रत्याशी लेखाराम साहू को अजय चंद्राकर की तुलना में 56,013 वोट ही मिल सके. जो कि अब तक का सबसे बड़ा अंतर था.