छत्तीसगढ़ चुनाव 2018: त्रिकोणीय संघर्ष में उलझा मनेंद्रगढ़ का भविष्य

मनेंद्रगढ़ एक कोयलांचल क्षेत्र है. जिसके चलते भारी मात्रा में यहां एसईसीएल कर्मचारी निवासरत हैं. ऐसे में इनका वोट ही किसी प्रत्याशी की जीत और हार तय करता है.

छत्तीसगढ़ चुनाव 2018: त्रिकोणीय संघर्ष में उलझा मनेंद्रगढ़ का भविष्य
फाइल फोटो

रायपुरः छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले की मनेंद्रगढ़ विधानसभा सीट पर फिलहाल तो भारतीय जनता पार्टी का कब्जा है, लेकिन कांग्रेस इस सीट पर वापसी के लिए काफी बेताब नजर आ रही है. वहीं पिछले 10 सालों से मनेंद्रगढ़ पर राज कर रही भाजपा की कोशिश है कि एक बार फिर इस क्षेत्र को अपने कब्जे में कर जीत की हैट्रिक लगाई जाए. बता दें भाजपा के कब्जे वाली मनेंद्रगढ़ विधानसभा सीट 2008 के परिसीमन के बाद से सामान्य सीट है, जबकि इससे पहले यह सीट आदिवासी वर्ग के लिए आरक्षित थी.

मनेंद्रगढ़ विधानसभा सीट
बता दें 2008 के पहले इस सीट पर कांग्रेस का कब्जा था, लेकिन सामान्य सीट होने के बाद से ही मनेंद्रगढ़ की राजनीति में बदलाव हुआ और बीजेपी ने कांग्रेस की इस सीट को अपने कब्जे में कर लिया. मनेंद्रगढ़ में एसईसीएल और निगम क्षेत्र के मतदाताओं का चुनाव के दौरान खासा वर्चस्व देखने को मिलता है. दरअसल, मनेंद्रगढ़ एक कोयलांचल क्षेत्र है. जिसके चलते भारी मात्रा में यहां एसईसीएल कर्मचारी निवासरत हैं. ऐसे में इनका वोट ही किसी प्रत्याशी की जीत और हार तय करता है.

2003 विधानसभा चुनाव नतीजे
2003 के चुनावों में गुलाब सिंह ने भाजपा प्रत्याशी राम लखन सिंह को 11,526 वोटों के बड़े अंतर से करारी मात दी थी. वहीं 2008 में परिसीमन के बाद इस सीट के सामान्य घोषित होने के बाद से ही यह सीट भाजपा के हाथों चली गई.

2008 विधानसभा चुनाव नतीजे
2008 के विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी के दीपक पटेल ने एनसीपी के रामानुज को 14,282 वोटों के बड़े अंतर से मात दी थी. 

2013 विधानसभा चुनाव नतीजे
वहीं 2013 के चुनावों में तो कांग्रेस की अलग ही स्थिति सामने आई और कांग्रेस उम्मीद्वार जीत से कोसों दूर नजर आए. मनेंद्रगढ़ में बीजेपी प्रत्याशी श्याम बिहारी जायसवाल ने जहां 32,613 मत हासिल किए तो वहीं कांग्रेस गुलाब सिंह 28,435 वोटों के साथ दूसरे स्थान पर रहे. वहीं 12,411 वोटों के साथ एनसीपी उम्मीद्वार रामानुज तीसरे स्थान पर रहे.