छत्तीसगढ़ चुनाव 2018: मोहला-मानपुर में कांग्रेस की धाक के बीच बीजेपी के लिए बढ़ी मुश्किलें

 महाराष्ट्र की सीमा से जुड़े मोहला-मानपुर का 65 प्रतिशत हिस्सा वनांचल है. प्राकृतिक तौर पर समृद्ध मोहला-मानपुर में कांग्रेस बीजेपी को मात दे चुकी है.

छत्तीसगढ़ चुनाव 2018: मोहला-मानपुर में कांग्रेस की धाक के बीच बीजेपी के लिए बढ़ी मुश्किलें
फाइल फोटो

राजनांदगांवः छत्तीसगढ़ राज्य के राजनांदगांव जिले की मोहला-मानपुर छत्तीसगढ़ की उन विधानसभा सीटों में से एक है जहां सरकार ने विकास के दम पर नक्सलवाद को पछाड़ने का काम किया है. कभी नक्सलियों के घेरे में रहा मोहला-मानपुर आज बाकि क्षेत्रों की तुलना में काफी अलग नजर आता है. हालांकि, आज भी क्षेत्र में शिक्षा और स्वास्थ्य समस्याएं व्याप्त हैं, लेकिन सड़क, बिजली, पानी जैसी आम समस्याओं पर काफी हद तक काबू पा लिया गया है. महाराष्ट्र की सीमा से जुड़े मोहला-मानपुर का 65 प्रतिशत हिस्सा वनांचल है. प्राकृतिक तौर पर समृद्ध मोहला-मानपुर में कांग्रेस बीजेपी को मात दे चुकी है.

मोहला-मानपुर विधानसभा सीट
2008 के परिसीमन के बाद अस्तित्व में आए मोहला-मानपुर में पिछले दो विधानसभा चुनावों से कांग्रेस ही जीतती आई है, लेकिन 2013 के विधानसभा चुनावों के बाद से यह मुकाबला काफी दिलचस्प होता दिखाई दे रहा है. बता दें कुछ 8 साल पहले तक मोहला-मानपुर में नक्सलवाद की जड़ें काफी मजबूत थीं, लेकिन कुछ समय पहले से यहां की स्थितियों में काफी सुधार आया है. वर्तमान सरकार ने न केवल क्षेत्र के विकास पर ध्यान दिया, बल्कि नक्सलवाद का भी काफी हद तक सफाया किया है. ऐसे में जनता भी काफी हद तक सरकार से खुश नजर आ रही है. 

2008 विधानसभा चुनाव नतीजे
बता दें 2008 के चुनावों में इस सीट पर कांग्रेस नेता शिवराज सिंह ने 43,890 वोट हासिल कर जीत दर्ज कराई थी, जबकि उनकी तुलना में बीजेपी के दरबार सिंह कुल 37,449 वोट ही हासिल कर पाए. 

2013 विधानसभा चुनाव नतीजे
वहीं 2013 के चुनावों में कांग्रेस द्वारा प्रत्याशी बदलने पर भी यह जीत कांग्रेस के खाते ही आई. कांग्रेस के तेज नेताम को जहां 42,648 वोट मिले तो वहीं भाजपा के भोजेश शाह कुल 41,692 वोट ही हासिल कर पाए.