छत्तीसगढ़ चुनाव 2018: पामगढ़ के त्रिकोणीय मुकाबले में कौन मारेगा बाजी ?

पामगढ़ विधानसभा क्षेत्र में बसपा उम्मीद्वार दुजराम बुद्ध का भी काफी वर्चस्व है. अपनी लोकप्रियता के चलते वह हर चुनाव में अन्य पार्टी के लिए बड़ी मुश्किल बनकर उभरे हैं.

छत्तीसगढ़ चुनाव 2018: पामगढ़ के त्रिकोणीय मुकाबले में कौन मारेगा बाजी ?
फाइल फोटो

रायपुरः छत्तीसगढ़ की पामगढ़ विधानसभा सीट प्रदेश की उन सीटों में से एक है जहां की जनता अपने प्रतिनिधि बदलती रहती है. फिलहाल तो यह विधानसभा सीट भारतीय जनता पार्टी के पास है, लेकिन आगामी चुनावों में इस पर किसका कब्जा होगा यह कहा नहीं जा सकता. बता दें पामगढ़ विधानसभा क्षेत्र में बसपा उम्मीद्वार दुजराम बुद्ध का भी काफी वर्चस्व है. अपनी लोकप्रियता के चलते वह हर चुनाव में अन्य पार्टी के लिए बड़ी मुश्किल बनकर उभरे हैं. उनकी लोकप्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि 2008 में जीत हासिल करने के अलावा 2003 और 2013 के विधानसभा चुनावों में वह लगातार दूसरे नंबर पर रहे हैं.

पामगढ़ विधानसभा सीट
बता दें प्रदेश की पामगढ़ विधानसभा सीट से फिलहाल अंबेश जांगड़े विधायक हैं. जहां एक तरफ 2003 में इस सीट पर कांग्रेस का कब्जा था तो वहीं 2008 में यह सीट बसपा के कब्जे में आ गई, लेकिन पामगढ़ के इस हाथ से उस हाथ में जाने का सिलसिला यहीं नहीं थमा. 2013 में यह क्षेत्र बसपा के हांथो से निकलकर भाजपा की झोली में आ गिरा. पामगढ़ में हर बार जनता ने अपना नेता बदला है. ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि इस बार पामगढ़ की जनता किसे अपना प्रतिनिधी चुनती है.

2003 विधानसभा चुनाव नतीजे
बात करें चुनावी इतिहास की तो 2003 में पामगढ़ विधानसभा सीट कांग्रेस के महंत राम सुंदर दास के कब्जे में थी. इस सीट पर उन्होंने 42,780 वोटों के साथ जीत दर्ज कराई थी. वहीं उन्हें बसपा उम्मीद्वार दौराम ने 36,046 वोटों के साथ कड़ी टक्कर दी. भाजपा इस चुनाव में तीसरे नंबर पर रही थी.

2008 विधानसभा चुनाव नतीजे
2008 के विधानसभा चुनाव में जनता ने बसपा के दुजाराम बुद्ध को अपना नेता चुनते हुए 39,534 वोटों के साथ जीत के शिखर पर बैठाया तो वहीं दुजाराम को बीजेपी प्रत्याशी अंबेश जांगड़े ने 33,579 वोटों के साथ कड़ी चुनौती दी. 

2013 विधानसभा चुनाव नतीजे
2013 के विधानसभा चुनावों पामगढ़ विधानसभा सीट में फिर उन्हें भारतीय जनता पार्टी का चेहरा घोषित किया और अंबेश जांगड़े ने इस भरोसे को कायम रखते हुए भारतीय जनता पार्टी को बड़ी जीत भी दिलाई. 2013 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी प्रत्याशी अंबेश जांगड़े को जहां 45,342 वोट मिले तो वहीं बसपा के दुजाराम को 37,217 वोटों के साथ हार का सामना करना पड़ा.