छत्तीसगढ़ चुनाव 2018: प्रतापपुर में मुश्किल में फंसी भाजपा, कैसे निकलेगी बाहर ?

 गृहमंत्री रामसेवक पैकरा का निर्वाचन क्षेत्र होने के चलते क्षेत्र में विकास तो हुआ है, लेकिन कुछ समस्याएं अब भी प्रतापपुर का पीछा नहीं छोड़ रहीं और इन्ही समस्याओं के साथ विपक्षी पार्टी रामसेवक पैकरा को घेरने की कोशिश में लगी है.

छत्तीसगढ़ चुनाव 2018: प्रतापपुर में मुश्किल में फंसी भाजपा, कैसे निकलेगी बाहर ?
फाइल फोटो

बिलासपुरः छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले की प्रतापपुर विधानसभा सीट पर फिलहाल बीजेपी का कब्जा है, लेकिन क्षेत्र में फैली सड़क, स्वास्थ्य, बेरोजगारी, शिक्षा, सिंचाई की समस्याएं और हाथी का आतंक इस बार कहीं न कहीं भाजपा के लिए परेशानी का सबब बन सकती है. हालांकि छत्तीसगढ़ गृहमंत्री रामसेवक पैकरा का निर्वाचन क्षेत्र होने के चलते क्षेत्र में विकास तो हुआ है, लेकिन कुछ समस्याएं अब भी प्रतापपुर का पीछा नहीं छोड़ रहीं और इन्ही समस्याओं के साथ विपक्षी पार्टी रामसेवक पैकरा को घेरने की कोशिश में लगी है.

2008 विधानसभा चुनाव नतीजे
बता दें प्रतापपुर 2008 में हुए परिसीमन के बाद ही अस्तित्व में आया है. इसलिए इसका चुनावी इतिहास भी सिर्फ 2 विधानसभा पुराना है. प्रतापपुर 2008 से पहले पिलखा में आता था. जिसके बाद 2008 में हुए विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के प्रेमसाईं सिंह 51,505 वोटों के साथ भाजपा प्रत्याशी रामसेवक पैकरा को हराकर प्रतापपुर के विधायक बने. उनकी तुलना में रामसेवक पैकरा को 49,132 वोट मिले. 

2013 विधानसभा चुनाव नतीजे
वहीं 2013 में रामसेवक पैकरा ने बाजी पलटते हुए 65,550 वोट हासिल किे और चुनाव में जीत दर्ज कराई. उनकी तुलना में कांग्रेस प्रत्याशी प्रेमसाईं सिंह को कुल 58,407 वोट मिले.

छत्तीसगढ़ राज्य
बता दें छत्तीसगढ़ में कुल 90 विधानसभा सीटें हैं. राज्य में कुल 11 लोकसभा सीटें और 5 राज्य सभा सीटें हैं. राज्य की 90 विधानसभा सीटों में से 51 सामान्य, 10 एससी और 29 सीटें एसटी के लिए आरक्षित हैं. 2013 में हुए विधानसभा चुनावों में भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस को लगातार तीसरी बार मात देते हुए सरकार बनाई थी. 

2013 छत्तीसगढ़ चुनाव नतीजे
2013 में सीएम रमन सिंह की अगुवाई में हुए चुनाव में भाजपा ने कुल 49 सीटों पर जीत दर्ज कराई थी. बता दें छत्तीसगढ़ में इस बार भी कांग्रेस और भाजपा के बीच ही मुकाबला बताया जा रहा है. 2013 में भी कांग्रेस ने कुल 39 सीटों पर जीत पाई थी और 2 सीटों पर अन्य को जीत मिली थी. बता दें रमन सिंह पिछले 15 सालों से राज्य के मुख्यमंत्री हैं.