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छत्तीसगढ़ चुनाव 2018: राजनंदगांव सीट पर CM के सामने पूर्व प्रधानमंत्री की भतीजी

करुणा शुक्ला भाजपा की अनदेखी से बेहद नाराज थीं और यही कारण है कि उन्होंने भाजपा का साथ छोड़ कांग्रेस का दामन थाम लिया.

छत्तीसगढ़ चुनाव 2018: राजनंदगांव सीट पर CM के सामने पूर्व प्रधानमंत्री की भतीजी
फाइल फोटो

राजनंदगांवः छत्तीसगढ़ की राजनंदगांव प्रदेश की सबसे चर्चित विधानसभा सीटों में से एक है क्योंकि यह राज्य के मुख्यमंत्री रमन सिंह इस सीट से विधायक हैं, लेकिन इस बार इस सीट की चर्चाएं और भी बढ़ गई हैं. दरअसल, साल के अंत में होने वाले विधानसभा चुनावों में राजनंदगांव विधानसभा सीट से जहां एक ओर प्रदेश के वर्तमान मुखिया इस सीट से भाजपा उम्मीद्वार हैं तो वहीं कांग्रेस ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की भतीजी करुणा शुक्ला को उम्मीद्वार बनाया है. बता दें करुणा शुक्ला पहली बार 1993 में बीजेपी से विधायक चुनी गई थीं. सूत्रों की मानें तो करुणा शुक्ला भाजपा की अनदेखी से बेहद नाराज थीं और यही कारण है कि उन्होंने भाजपा का साथ छोड़ कांग्रेस का दामन थाम लिया.

राजनंदगांव विधानसभा सीट
पिछले 15 सालों से मुख्यमंत्री की कुर्सी पर काबिज डॉ रमन सिंह क्षेत्र की जनता में काफी लोकप्रिय हैं. ऐसे में 2018 के अंत में होने वाले विधानसभा चुनाव में न सिर्फ उनके सामने चुनाव जीतने बल्कि अपनी कुर्सी को बचाकर रखने की भी जिम्मेदारी आ जाती है. बता दें बीते दो चुनावों में सीएम रमन सिंह ने बड़े अंतर से इस सीट पर जीत दर्ज कराई थी. ऐसे में देखना यह है कि पूर्व प्रधानमंत्री की भतीजी करुणा शुक्ला और वर्तमान सीएम के बीच की लड़ाई में किसकी जीत होती है.

2013 विधानसभा चुनाव नतीजे
बता दें 2013 के विधानसभा चुनाव में मुख्यमंत्री रमन सिंह को 86,797 मतों के साथ जीत मिली थी. वहीं कांग्रेस से उम्मीद्वार अल्का उदय को 50,931 वोट ही मिल सके. जिसके चलते अल्का उदय को भारी मतों के अंतर से हार का सामना करना पड़ा.

2008 विधानसभा चुनाव नतीजे
2013 के विधानसभा चुनावों के अलावा 2008 के चुनावों में भी रमन सिंह के प्रतिद्वंद्वी को काफी बड़े अंतर से हार का सामना करना पड़ा था. एक ओर जहां मुख्यमंत्री रमन सिंह को 77,230 वोट मिले तो वहीं कांग्रेस प्रत्याशी उदय मुदलियार को 44,841 वोट ही मिल सके.