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छत्तीसगढ़ः शिक्षा के लिए जान जोखिम में डाल रहे हैं यहां के बच्चे, उफनती नदी पार करके जाते हैं स्कूल

माधो लोंगरा बस्ती में प्राथमिक और मिडिल स्कूल भी संचालित होता है, जहां पर पढ़ने वाले छोटे-छोटे बच्चों को अपनी जान को जोखिम में डालकर अपने अभिभावकों के कंधे में बैठकर नदी को पार करना पड़ता है.

छत्तीसगढ़ः शिक्षा के लिए जान जोखिम में डाल रहे हैं यहां के बच्चे, उफनती नदी पार करके जाते हैं स्कूल

रायपुरः छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले के संकरगढ़ विकासखंड से 10 किलोमीटर की दूरी पर बसे जारगिम गांव के माधो लोंगरा बस्ती के बच्चों को शिक्षा के अधिकार के लिए अपनी जान जोखिम में डालना पड़ रहा है. यहां के स्कूली बच्चों को स्कूल पहुंचने के लिए गेऊर नदी को पार करना पड़ता है, लेकिन इस नदी पर पुल न होने की वजह से ग्रामीणों सहित स्कूली बच्चों को भी अपनी जान खतरे में डालना पड़ता है, जिसके बाद ही वह स्कूल तक पहुंच पाते हैं. दरअसल, माधो लोंगरा बस्ती में प्राथमिक और मिडिल स्कूल भी संचालित होता है, जहां पर पढ़ने वाले छोटे-छोटे बच्चों को अपनी जान को जोखिम में डालकर अपने अभिभावकों के कंधे में बैठकर नदी को पार करना पड़ता है.

माधो लोंगरा बस्ती के लोगों को इलाज के लिए भी या तो जारगिम या फिर संकरगढ़ जाना पड़ता है, लेकिन बीच मे नदी पड़ने के कारण बरसात में ग्रामीणों को काफी परेशानी उठानी पड़ती है. ग्रामीण महिला का कहना है कि नेता हमारे गांव में सिर्फ वोट मांगने के लिए ही आते हैं और झूठा आश्वासन देकर चले जाते हैं. चुनाव हो जाने के बाद फिर कभी मुड़कर दोबारा गांव में नही आते.

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ग्रामीणों का कहना है कि हमारा गांव पहुंचविहीन है और नेता आते तो जरूर हैं, लेकिन सिर्फ झूठे वादे करके चले जाते हैं. चाहे बीजेपी हो या कांग्रेस कोई भी पार्टी के नेता हमारे गांव की समस्या को अब तक नही सुलझा पाए हैं. गांव की स्कूल में पढ़ने वाले छात्रों की मानें तो उनको अपने भविष्य को लेकर चिंता बनी रहती है. इसलिए स्कूल जाने के लिए अपनी जान को जोखिम में डालकर नदी को पार करके स्कूल जाते हैं.

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माधो लोंगरा पारा स्कूल में पढ़ाने वाले शिक्षक भी नदी को पार करके अपना फर्ज निभा रहे हैं. शिक्षकों का कहना है कि नदी पर पुल नहीं होने के कारण स्कूल में बच्चों का दाखिला कम हो गया है, जिसकी जानकारी सभी उच्चाधिकारियों को दे दी गई है, लेकिन अब तक इस ओर कोई पहल नहीं की जा सकी है. वहीं इस पूरे मामले में जिले के कलेक्टर का कहना है कि जारगिम और माधो लोंगरा के बीच पड़ने वाली नदी के ऊपर पुल निर्माण की कवायद जल्द ही शुरू की जाएगी, लेकिन जब तक नदी पर पुल नहीं है तब तक वहां पर पढ़ने वाले स्कूली बच्चों को दूसरे स्कूल में शिफ्ट किया जाएगा.