छत्तीसगढ़ के CM भूपेश बघेल पहुंचे UN हेडक्वार्टर, छत्रपति शिवाजी के जयंती कार्यक्रम में की शिरकत

सीएम भूपेश बघेल न्यूयार्क स्थित कांसुलेट जनरल ऑफ इंडिया के कार्यालय में छत्रपति शिवाजी महाराज की जयंती पर आयोजित एक कार्यक्रम में भी शामिल हुए. 

छत्तीसगढ़ के CM भूपेश बघेल पहुंचे UN हेडक्वार्टर, छत्रपति शिवाजी के जयंती कार्यक्रम में की शिरकत
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल यूनाइटेड नेशंस हेडक्वार्टर में.

नई दिल्ली: छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल अपने अमेरिका प्रवास के दौरान मंगलवाल को यूनाइटेड नेशंस हेडक्वॉर्टर पहुंचे. वह 'परमानेंट मिशन ऑफ इंडिया टू द यूनाइटेड नेशंस' कार्यक्रम में हिस्सा लेने के लिए यहां पहुंचे थे. उन्होंने यूनाइटेड नेशंस में छत्तीसगढ़ में अपनी सरकार के नवाचारों और विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी. 

इस दौरान मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने उद्योग जगत के लीडर्स को छत्तीसगढ़ में इंफाॅरमेंशन टेक्नोलॉजी, डिजीटल टेक्नोलॉजी और नॉल कोर सेक्टर में निवेश के लिए न्योता दिया. सीएम भूपेश बघेल न्यूयार्क स्थित कांसुलेट जनरल ऑफ इंडिया के कार्यालय में छत्रपति शिवाजी महाराज की जयंती पर आयोजित एक कार्यक्रम में भी शामिल हुए. 

छत्तीसगढ़ में आर्थिक और औद्योगिक गतिविधियों पर की चर्चा
मुख्यमंत्री बघेल ने यूनाइटेड नेशंस हेडक्वार्टर में छत्तीसगढ़ में वर्तमान समय में चल रहे आर्थिक और औद्योगिक गतिविधियों पर विस्तार से चर्चा की. इस दौरान विधानसभा अध्यक्ष डाॅ. चरण दास महंत भी उनके साथ मौजूद रहे. बघेल और महंत ने विभिन्न राजनयिकों से भी मुलाकात कर संयुक्त राष्ट्र की कार्यप्रणाली और भारत के स्थाई मिशनों पर चर्चा की. 

छत्रपति शिवाजी महाराज की जयंती कार्यक्रम में की शिरकत
छत्रपति शिवाजी महाराज की जयंती पर आयोजित कार्यक्रम में भूपेश बघेल ने कहा, ''शिवाजी महाराज को स्मरण करने में एक आत्मविश्वास से भरा व्यक्तित्व और शौर्य के प्रतीक की तस्वीर उभरती है. जिस प्रकार शिवाजी ने छोटी सेना होने के बावजूद सिर्फ आत्मविश्वास के बल पर कई लड़ाईयां जीतीं, उसी प्रकार हमें भी चुनौतियों का आत्मविश्वास से सामना करना चाहिए.'' 

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इस बात पर प्रसन्नता जाहिर की कि देश से हजारों मिल दूर न्यूयाॅर्क में शिवाजी महाराज की जयंती मनाई जा रही है. उन्होंने कहा, ''छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र पड़ोसी राज्य हैं. एक समय विदर्भ और छत्तीसगढ़ बरार प्रांत का हिस्सा रहे हैं. अभी भी छत्तीसगढ़ के कई जिलों में मराठी भाई निवास करते हैं. शिवाजी के नारी सम्मान के कार्यों, गुरु और माता के आदेशों का पालन, देश के लिए त्याग और समर्पण भाव से हमें सीखना चाहिए.''