VIDEO: छत्तीसगढ़ सरकार ने नर्सिंग कर्मचारियों की हड़ताल पर लगाया 'एस्मा'

छत्तीसगढ़ में नर्सिंग कर्मचारियों की पिछले 14 दिलों से जारी हड़ताल के कारण स्वास्थ्य सेवाएं ठप्प हो गई हैं.

VIDEO: छत्तीसगढ़ सरकार ने नर्सिंग कर्मचारियों की हड़ताल पर लगाया 'एस्मा'
नर्सिंग कर्मचारियों को हड़ताल से उठाने के लिए पुलिस बल धरना स्थल पर पहुंच गया है.

नई दिल्ली/रायपुर: छत्तीसगढ़ में नर्सिंग कर्मचारियों की पिछले 14 दिलों से जारी हड़ताल के कारण स्वास्थ्य सेवाएं ठप्प हो गई हैं. प्रदेश सरकार ने गुरुवार को नर्सिंग कर्मचारियों की हड़ताल खत्म कराने के लिए अत्यावश्यक सेवा अनुरक्षण अधिनियम (एस्मा) लगा दिया है. नर्सिंग कर्मचारियों को हड़ताल से उठाने के लिए पुलिस बल धरना स्थल पर पहुंच गया है. वहीं नर्सिंग कर्मचारी संघ हड़ताल पर अडिग है. बताया जा रहा है कि गृह विभाग की ओर से धरना स्थल पर एस्मा नोटिस भी चस्पा कर दिया गया है. वहीं नर्सिंग कर्मचारी संघ का कहना है कि एस्मा आदेश की कॉपी उन्हें व्हाट्सएप पर मिली है, जो भ्रामक लग रही है. उन्होंने कहा कि विभाग से उनकी वार्ता विफल हो चुकी है. आपको बता दें कि प्रदेश में नर्सिंग कर्मचारियों के आंदोलन का गुरुवार को 14वां दिन है. चार दिन से 10 नर्स रोज क्रमिक भूख हड़ताल पर बैठ रही हैं. 

नर्सिंग कर्मचारी संघ 4600 रुपए पे स्केल समेत 6 सूत्रीय मांगों को लेकर हड़ताल पर है. गृह विभाग के उप सचिव एनडी कुंदानी ने नर्सिंगकर्मियों की हड़ताल को अवैधानिक बताते हुए एस्मा जारी किया है. प्रदेश के 27 जिला अस्पताल, 14 सिविल अस्पताल के साथ ही सात मेडिकल कॉलेजों में भी नर्सिंगकर्मियों की हड़ताल जारी है. इन सभी अस्पतालों में आपातकालीन सेवाएं ही दी जा रही है. वहीं प्रदेश के सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर चिकित्सा सेवाएं ठप्प हो चुकी है. आपको बता दें कि अत्यावश्यक सेवा अनुरक्षण अधिनियम (एस्मा) संसद द्वारा पारित अधिनियम है. इसे 1968 में लागू किया गया था. इस अधिनियम में हड़ताल के दौरान अत्यावश्यक सेवाओं की बहाली सुनिश्चित कराने की कोशिश की जाती है.

इस अधिनियम में सार्वजनिक परिवहन, स्वास्थ्य सेवा जैसी सेवाएं शामिल हैं. इस अधिनियम के अनुसार, प्रदेश सरकार किसी भी सेवा को अत्यावश्यक सेवा घोषित कर सकती है. एस्मा लागू हो जाने के बाद हड़ताली कर्मचारियों को बिना वारंट के गिरफ्तार किया जा सकता है. इसमें छह महीने के कारावास और जुर्माने का प्रावधान है. एस्‍मा लागू करने से पूर्व कर्मचारियों को किसी समाचार पत्र या अन्‍य माध्‍यम से सूचित किया जाता है. एस्‍मा अधिकतम छह माह के लिए लगाया जा सकता है. एस्‍मा लागू होने के बाद कर्मचारियों द्वारा की जा रही हड़ताल अवैध‍ एवं दण्‍डनीय घोषित हो जाती है.