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अब छत्तीसगढ़ में भी जनता नहीं पार्षद चुनेंगे महापौर, जल्द आएगा अध्यादेश, BJP ने किया विरोध

छत्तीसगढ़ सरकार की ओर से गठित मंत्रीमंडलीय उप समिति में संसदीय कार्य मंत्री रविन्द्र चौबे, मंत्री शिव डहेरिया और मंत्री मोहम्मद अकबर को रखा गया है.

अब छत्तीसगढ़ में भी जनता नहीं पार्षद चुनेंगे महापौर, जल्द आएगा अध्यादेश, BJP ने किया विरोध
जी मीडिया के सवाल के जवाब में सीएम भूपेश बघेल ने कहा कि अप्रत्यक्ष चुनाव के लिए मंत्रीमंडलीय उप समिति का गठन कर दिया गया है.

सत्य प्रकाश/रायपुर: मध्य प्रदेश की तर्ज पर अब छत्तीसगढ़ में भी भूपेश सरकार ने निकाय एक्ट में संशोधन की तैयारी कर ली है. संशोधन के साथ ही नगरीय निकायों में अप्रत्यक्ष चुनाव का रास्ता साफ हो जाएगा और छत्तीसगढ़ बनने के बाद पहली बार महापौर, नगर पंचायत अध्यक्ष और नगर पालिका अध्यक्ष का चयन सीधे पार्षद करेंगे. छत्तीसगढ़ सरकार ने इसके लिए 3 मंत्रियों की उप मंत्रीमंडलीय समिति का गठन किया है. समिति जल्द ही अपनी अनुशंसा सरकार को देगी. जिसके बाद कैबिनेट की बैठक में सरकार अध्यादेश लाएगी और उसे मंजूरी के लिए राज्यपाल के पास भेजा जाएगा.

राज्यपाल से मंजूरी के बाद निकाय एक्ट में संशोधन हो जाएगा. सरकार की ओर से गठित मंत्रीमंडलीय उप समिति में संसदीय कार्य मंत्री रविन्द्र चौबे, मंत्री शिव डहेरिया और मंत्री मोहम्मद अकबर को रखा गया है. जानकारी ये भी है कि जल्द ही अधिकारियों की एक टीम मध्यप्रदेश के दौरे पर भी जाएगी और वहां निकाय एक्ट में संसोधन की बारीकियों को समझेगी. बता दें कि सूत्रों के हवाले से जी मिडिया ने पहले ही खबर बताई थी, जिसपर सीएम भूपेश बघेल ने मुहर लगा दी है.

जी मीडिया के सवाल के जवाब में सीएम भूपेश बघेल ने कहा कि अप्रत्यक्ष चुनाव के लिए मंत्रीमंडलीय उप समिति का गठन कर दिया गया है, तीन मंत्री हैं कमेटी में, अनुशंसा पर सरकार फैसला लेगी. अप्रत्यक्ष चुनाव में गलत कुछ भी नहीं है. वहीं, निकाय एक्ट में संशोधन की सरकार की तैयारी की खबर सामने आते ही छत्तीसगढ़ में सियासत भी तेज हो गई है. बीजेपी ने इस फैसले के लिए सरकार की आलोचना की है. बीजेपी ने इसे निकाय चुनाव से पहले कांग्रेस की हार करार दे दिया है.

इस मामले पर खुद पूर्व सीएम और बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष रमन सिंह ने मोर्चा संभालते हुए कहा कि कांग्रेस सरकार जनमत के निरादर की साजिश कर रही है. 9 महीने के सरकार में ही कांग्रेस हार से डर गई है. रमन सिंह ने आगे कहा कि चुनाव जिस भी प्रणाली से होगा, पार्टी हिस्सा लेगी. लेकिन, जनता इसका विरोध करेगी. उन्होंने कहा कि बीजेपी के नेता जनता को बतायेंगे कि सरकार डरी है, पार्षदों के खरीद फरोख्त की कांग्रेस की तैयारी है.
                                                 
बता दें कि इसी साल दिसंबर में नगरीय निकाय चुनाव प्रस्तावित हैं. ऐसे में सरकार की अप्रत्यक्ष मेयर और नगर पालिका-नगर पंचायत अध्यक्ष चयन की कवायद इन पदों की दावेदारी करने वाले दोनों दलों के नेताओं के लिए भी बड़ा झटका है. अब उन्हें पहले पार्षद बनना होगा, तभी मेयर या अध्यक्ष बन पाएंगे. चर्चा इस बात की भी है कि ऐसे में पार्षदों को प्रभावित भी किया जा सकता है.