रायगढ़ में ट्रेन से उतारे गए 7 मदरसा छात्र, पूछताछ के बाद बाल कल्याण समिति को सौंपे गए

बच्चों का कहना है कि उन्हें उर्दू की तालीम हासिल करने के लिए हैदराबाद ले जाया जा रहा था. युवक का यह भी कहना है, कि यह सभी बच्चे अपने माता-पिता की मर्जी से हैदराबाद जा रहे थे.

रायगढ़ में ट्रेन से उतारे गए 7 मदरसा छात्र, पूछताछ के बाद बाल कल्याण समिति को सौंपे गए
पकड़े गए सभी बच्चे झारखंड के चंपापुर और चैनपुर गांव के रहने वाले हैं (प्रतीकात्मक तस्वीर)

श्रीपाल यादव/रायगढ़ः छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले की आरपीएफ पुलिस ने हैदराबाद स्पेशल ट्रेन के S 10 से संदिग्ध अवस्था में बच्चों को लेकर जा रहे एक युवक को गिरफ्तार किया है. उसके पास से 7 बच्चे भी बरामद किए गए हैं. पकड़े गए सभी बच्चे झारखंड के चंपापुर और चैनपुर गांव के रहने वाले हैं. इन सभी बच्चों को युवक हैदराबाद के शाही नगर मदरसे में उर्दू की तालीम देने के लिए लेकर जा रहा था, जिसके बाद बच्चों को बाल कल्याण समिति को सुपुर्द किया गया है.

पूरा मामला रायगढ़ जीआरपी थाना का है. एक युवक अपने साथ बच्चों को लेकर झारखंड के रास्ते हैदराबाद जा रहा था. जिसकी सूचना मिलने पर जीआरपी ने युवक और बच्चों को ट्रेन से उतार लिया. वहीं बच्चों का कहना है कि उन्हें उर्दू की तालीम हासिल करने के लिए हैदराबाद ले जाया जा रहा था. युवक का यह भी कहना है, कि यह सभी बच्चे अपने माता-पिता की मर्जी से हैदराबाद जा रहे थे.

छत्तीसगढ़: फंड की कमी से 1 दर्जन से ज्यादा जिलों में रद्द हुई मुख्यमंत्री तीरथ बरत योजना की यात्रा

इधर पूछताछ में बच्चों ने बताया कि उनके गांव के और भी बच्चे मदरसे में पढ़ाई के लिए गए हुए हैं. बच्चों ने यह भी बताया कि S 1 बोगी में भी लगभग 10 बच्चे. थे आरपीएफ ने उन्हें उतरवा लिया, लेकिन बाकी के 10 बच्चे हैदराबाद रवाना हो गए हैं. इधर मामले में बाल संरक्षण विभाग और चाइल्डलाइन की टीम बच्चों से पूछताछ कर रही है. बच्चों के पैरंट्स से भी संपर्क किया जा रहा है. अधिकारियों का कहना है कि बच्चों के बयान के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी.

विभाग की लापरवाही से बच्चों का नुकसान, पानी में डूबीं खुले मैदान में रखी करोड़ों की साइकिलें

बता दें इससे पहले भी दुर्ग रेलवे स्टेशन से करीब 13 बच्चों को रेस्क्यू कराया गया था. रेल प्रबंधन ने इस मामले की जानकारी देते हुए बताया था कि इन मुस्लिम बच्चों को मदरसे में पढ़ाने के बहाने ले जाया जा रहा था. दरअसल, मामला बीते शनिवार की सुबह का है, जब शालीमार कुर्ला एक्सप्रेस में रायपुर रेल मंडल कमर्शियल विभाग रायपुर से टिकट चेक करते हुए एस 1 से एस 8 कोच में पहुंचे. टिकट चेकिंग के दौरान सीट क्रमांक 27- 28 बर्थ पर लगभग 6 से 14 साल की उम्र के एक दर्जन से भी अधिक बच्चे भी सफर कर रहे थे, उन्हें एक व्यक्ति मदरसे पढ़ाई के बहाने ले जाया जा रहा था.