NGO घोटाले में IAS अफसरों सहित अन्य पक्षकारों को सुप्रीम कोर्ट से राहत, CBI जांच पर रोक

हाईकोर्ट ने राज्य सरकार द्वारा लगाए गए रिव्यू पिटीशन को खारिज किया कर दिया था. जिसके बाद आरोपियों ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था.

NGO घोटाले में IAS अफसरों सहित अन्य पक्षकारों को सुप्रीम कोर्ट से राहत, CBI जांच पर रोक

रायपुर: छत्तीसगढ़ से चर्चित NGO घोटाले में सुप्रीम कोर्ट से IAS सहित अन्य पक्षकारों को राहत दी है. कोर्ट ने cbi जांच पर रोक लगाने का आदेश दिया है. यह पूर्व मुख्य सचिव विवेक ढांड ने लगाई थी. 

इस मामले में कई आईएएस अधिकारी समेत समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों को पक्षकार बनाया गया था. हाईकोर्ट ने राज्य सरकार द्वारा लगाए गए रिव्यू पिटीशन को खारिज किया कर दिया था. जिसके बाद आरोपियों ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था. राज्य सरकार द्वारा एवं छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्य सचिव विवेक ढांड ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी. याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई जांच पर रोक लगाते हुए सभी पक्षों को नोटिस जारी करने का आदेश जारी किया है. इस मामले में वरिष्ठ अधिवक्ता पीपी पठारिया ने पैरवी की थी.

आपको बता दें इस मामले में IAS अधिकारी सतीश पांडेय, आलोक शुक्ला, सुनील कुजूर, विवेक ढांड, एमके राउत और अन्य पक्षकारों ने छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट में रिव्यू पिटीशन दाखिल की थी. जिसे हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया था.

क्या है मामला
आपको बता दें कि 12 अफसरों के खिलाफ CBI को FIR दर्ज करने का आदेश दिया था. अफसरों पर भाजपा की रमन सरकार के दौरान करीब 14 वर्षों में फर्जी एनजीओ बनाकर 1000 करोड़ रुपए के घोटाला करने का आरोप है. इन्होंने अलग-अलग नामों से NGO बनाकर शासन के कई कार्य और योजनाओं के तहत पैसे रिलीज करवाये और कमीशनखोरी की. इनमें से एक पूर्व आईएएस अफसर बीएल अग्रवाल को भ्रष्टाचार के मामलों के तहत जबरिया सेवानिवृत्ति दी गई थी. जबकि कई आरोपी सेवानिवृत्त हो चुके हैं.

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