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समर्थन मूल्य पर केंद्र-राज्य के बीच टकराव! 15 दिन के लिए टाली जा सकती है धान खरीदी

सरकार की ओर से धान की फसल लेट होने की वजह से खरीदी की तारीख आगे बढ़ाने का तर्क दिया जा रहा है.

समर्थन मूल्य पर केंद्र-राज्य के बीच टकराव! 15 दिन के लिए टाली जा सकती है धान खरीदी
फाइल फोटो

रायपुर: छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) में धान की खरीदी (Paddy Purchase) अगले 15 दिन के लिए टाली जा सकती है. खबर है कि अब 15 नवंबर की बजाय 1 दिसंबर से धान की खरीदी शुरू की जा सकती है. दरअसल, प्रदेश सरकार (Chhattisgarh Government) केंद्र से 2500 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदने की मांग कर रही है. इसे लेकर बातचीत के लिए सीएम सीएम भूपेश बघेल (Bhupesh Baghel) ने पीएम नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) से मुलाकात का वक्त मांगा है.

माना जा रहा है इस वजह से धान की खरीदी टल सकती है. हालांकि सरकार की ओर से धान की फसल लेट होने की वजह से खरीदी की तारीख आगे बढ़ाने का तर्क दिया जा रहा है.

हालांकि राज्य सरकार की मंत्रिमंडलीय उपसमिति के सदस्यों ने इस टालमटोली को किसानों से जोड़कर बता रहे. उनका कहना है कि धान की फसल लेट लगाई गई, बारिश की वजह से फसल देर से पक रही है. इसलिए धान खरीदी को 15 दिन आगे टाला जा रहा.

मुख्यमंत्री ने पत्र में कहा है कि किसानों से समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन का कार्य शीघ्र प्रारंभ किया जाना है, इसके लिए सभी आवश्यक तैयारियां की जा चुकी हैं. उन्होंने इस संबंध में बीते 05 जुलाई और 25 अक्टूबर को भेजे गए पत्रों का हवाला देते हुए कहा है कि खरीफ वर्ष 2019-20 में किसानों के हित में समर्थन मूल्य को बढ़ाकर 2500 रूपए प्रति क्विंटल किए जाने का निवेदन किया गया था. 

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अगर किसी परिस्थिति के कारण भारत सरकार द्वारा न्यूनतम समर्थन मूल्य में इस अनुरूप वृद्धि किया जाना संभव नहीं हो तो राज्य सरकार को इस मूल्य पर धान उपार्जित करने की सहमति विकेन्द्रीकरण खाद्ययान्न उपार्जन योजना के अंतर्गत दिए जाने का अनुरोध है. मुख्यमंत्री ने खरीफ वर्ष 2019-20 के लिए छत्तीसगढ़ में धान उपार्जन के संबंध में चर्चा हेतु शीघ्र समय प्रदान किए जाने का अनुरोध किया है.