छत्तीसगढ़ की बेटी ने किया कमाल, महज 19 साल की उम्र में हौसले को लंगे पंख, पायलट बन उड़ाएगी विमान
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छत्तीसगढ़ की बेटी ने किया कमाल, महज 19 साल की उम्र में हौसले को लंगे पंख, पायलट बन उड़ाएगी विमान

धमतरी जिले के एक छोटे से गांव की बेटी जल्द ही पायलट बनने वाली है. 

छत्तीसगढ़ की बेटी ने किया कमाल, महज 19 साल की उम्र में हौसले को लंगे पंख, पायलट बन उड़ाएगी विमान

धमतरीः मेहनत और लगन से एक किसान की बेटी ने वो कर दिखाया जो हजारों-लाखों का सपना होता है. इस बेटी की सफलता के बाद हर कोई कह रहा है कि वाकई बेटियां किसी से कम नहीं होती है. बेटी की इस सफलता अब न सिर्फ परिवार गौरान्वित महसूस कर रहा है बल्कि गांव में भी जश्न का माहौल है और हर कोई बेटी की तारीफ कर रहा है. क्योंकि छत्तीसगढ़ की यह बेटी अब पायलट बनने वाली है. 

रुद्राणी पायलट बन उड़ाएगी विमान
कहते है मंजिले उन्हीं को मिलती है,जिनके सपनों में जान होती है. पंख से कुछ नहीं होता, हौसलों से उड़ान होती है. ये कहावत चरितार्थ कर दिखाया है धमतरी जिले के एक छोटे से गांव की बेटी ने. अपने कठिन परिश्रम से इस बेटी ने वह मुकाम हासिल किया, जिसकी कल्पना परिजनों ने कभी नहीं की थी. दरअसल जिले के भंवरमरा में की रहने वाली रुद्राणी का चयन इंदिरा गांधी राष्ट्रीय उड़ान अकादमी में हुआ है, यहां प्रशिक्षण बाद रुद्राणी पायलट बन जाएगी. रुद्राणी की सफलता न सिर्फ गांव, बल्कि जिले सहित प्रदेश के लिए गर्व की बात है. 

डेढ़ साल चलेगी रुद्राणी की ट्रेनिंग 
ग्राम भंवरमरा निवासी किसान नेक लाल साहू और जिला महिला कांग्रेस ग्रामीण अध्यक्ष विद्या देवी साहू की बेटी रुद्राणी साहू की उम्र तकरीबन 19 वर्ष है, हाल ही में रुद्राणी ने पायलट बनने की परीक्षा दी थी. जिसके बाद रुद्राणी का चयन इंदिरा गांधी राष्ट्रीय उड़ान अकादमी फुरसतगंज रायबरेली में हुआ है. रुद्राणी 28 सितंबर को फुरसतगंज में पहुंचकर अकादमी ज्वाइन करेगी और तकरीबन डेढ़ साल कड़ी मेहनत ट्रेनिंग उन्हें करनी होगी. तब वह सभी प्रकार की विमान, हेलीकॉप्टर उड़ा पाएगी.

जिले की पहली लड़की 
वैसे रुद्राणी धमतरी जिले की पहली ऐसे बेटी है जिसका चयन पायलट परीक्षा के लिए हुआ है. रुद्राणी साहू की माने तो जब वह कक्षा दसवीं में थी तभी से ही उसने पायलट बनने का सपना देखा था और 12वीं के बाद उन्होंने इसके लिए तैयारी शुरू कर दी थी. रुद्राणी ने बताया कि इसके लिए उसने कोचिंग नहीं की, बल्कि सेल्फ स्टडी के माध्यम से लिखित परीक्षा दी थी. वे बताती है कि उसके इस प्रयास में परिवार ने भरपूर मदद की. रुद्राणी का सपना है कि वह भविष्य में बोइंग विमान उड़ाए. 

वही अपनी बेटी की इस उपलब्धि पर परिवार का कहना है उन्होंने कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि उनकी बेटी एक पायलट बनेगी. पिता बेटी को आईएस बनाना चाहता था और उनकी मां उसे डॉक्टर बनाना चाहती है. लेकिन बेटी पायलट बनना चाहती थी. इसलिए पूरे परिवार ने मिलकर उनकी मदद किया और आज बेटी पर फक्र है. बहरहाल रुद्राणी की सफलता से परिवार सहित धमतरी जिला बेहद गौरवान्वित महसूस कर रहे है वही इसके लिए रुद्राणी को शुभकामनाएं दे रहे हैं. 

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