Mama Bhanja mandir Dantewada: कभी ऐसा सुना है कि मंदिर में दर्शन करने से रिश्तों में दरार आती है? नहीं न? छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा में एक ऐसा अनोखा मंदिर है जहाँ एक साथ दर्शन तो क्या, मंदिर में प्रवेश करने पर भी रिश्ते टूट जाते हैं. हालाँकि, ये नियम सिर्फ दो लोगों पर लागू होता है, वो हैं मामा और भांजा. दरअसल, दंतेवाड़ा स्थित मामा-भांजा मंदिर में, मामा और भांजे का एक साथ प्रवेश वर्जित रहता है. ये दो लोग कभी मंदिर में एक साथ न प्रवेश कर सकते हैं और न ही पूजा-पाठ.
)
दंतेवाड़ा का दंतेश्वरी मंदिर तो बहुत लोकप्रिय है. दूर-दराज से लोग मंदिर में दर्शन करने पहुँचते हैं. इसी के साथ एक और मंदिर है जो अपनी कारीगरी के साथ-साथ अपनी मान्यताओं के लिए जाना जाता है.
)
मंदिर दंतेवाड़ा जिले के बारसूर गाँव में पड़ता है जिसका नाम मामा-भांजा मंदिर है. यहाँ न तो मामा-भांजा एक साथ आ सकते हैं और न ही दोनों एक साथ मंदिर में कोई मांगलिक कार्य कर सकते हैं.
)
ऐसा कहा जाता है कि ये जोड़ा अगर इस नियम को तोड़ता है तो उनके रिश्ते में खटास आने लगती है. सालों से बना-बनाया रिश्ता टूट जाता है. मामा-भांजे की जोड़ी इस तरह बिखर जाती है मानो सालों पुराने दुश्मन.
)
हैरानी की बात तो ये है कि इस मंदिर के कारीगर मामा-भांजे की जोड़ी ही रही है. इस जोड़ी ने मात्र एक दिन के अंदर इस मंदिर को खड़ा किया था. आज भी ये मंदिर ज्यों का त्यों खड़ा है.
)
मंदिर 11वीं शताब्दी की कारीगरी का नमूना पेश करता है. बड़े-बड़े पत्थरों को काटकर, उन्हें तराशकर बने इस मंदिर की कारीगरी देख कोई भी दंग रह जाएगा. ऐसी कारीगरी की तुलना आज के दौर से नहीं की जा सकती है.
)
मंदिर के किसी हिस्से में आपको उन्हीं कारीगर मामा-भांजे की जोड़ी की कलाकृति मिल जाएगी. मंदिर के गर्भगृह में भगवान शिव, गणेश और नरसिंह की मूर्ति भी स्थापित है.
)
टूरिस्टों में इस मंदिर को लेकर काफी उत्सुकता जगी रहती है कि यह मंदिर जिसके नाम पर समर्पित है, वही जोड़ी इस मंदिर में एक साथ प्रवेश नहीं कर सकती.
ट्रेन्डिंग फोटोज़