First District of Chhattisgarh: जैसे-जैसे छत्तीसगढ़ में नए जिलों का गठन हो रहा है, वैसे-वैसे लोगों के मन में सवाल उठते हैं, कि आखिर इस धरती का सबसे पुराना जिला कौन सा है? कौन-सा इलाका सबसे पहले प्रशासनिक रूप से जिला बना और कब इसकी नींव रखी गई? कुछ जिले आज भी अपनी ऐतिहासिक पहचान और पुरानी तहसील संरचना के लिए जाने जाते हैं. तो आइए, जानते हैं छत्तीसगढ़ के जिलों के जिलों के बारे में कि, सबसे पुराना जिला कौन सा है, इसका कब गठन हुआ था. इसके क्षेत्रफल के बारे में भी जानते हैं.
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छत्तीसगढ़, साल 2000 में मध्य प्रदेश से अलग होकर बना था. आज 33 जिलों में बंटा है, लेकिन कभी यह क्षेत्र सिर्फ कुछ गिने-चुने जिलों में सीमित था. समय के साथ प्रशासनिक जरूरतों के मुताबिक जिलों का विस्तार होता गया.
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राजधानी रायपुर न केवल राज्य का दिल है बल्कि जनसंख्या की दृष्टि से सबसे बड़ा जिला भी है. 2011 की जनगणना में इसकी आबादी 40 लाख से अधिक दर्ज की गई थी.
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अगर क्षेत्रफल के हिसाब से बात करें तो सरगुजा जिला सबसे बड़ा है. घने जंगल, पहाड़ और समृद्ध जनजातीय संस्कृति इसे छत्तीसगढ़ की पहचान बनाते हैं.
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वहीं राज्य का सबसे छोटा जिला गौरेला-पेंड्रा-मारवाही है, जो 2020 में बना था. इसकी जनसंख्या करीब साढ़े तीन लाख है और यह छत्तीसगढ़ के मध्य भाग में स्थित है.
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वर्ष 2000 में छत्तीसगढ़ राज्य बनने के बाद प्रशासनिक ढांचे को बेहतर बनाने के लिए कई नए जिलों का गठन किया गया, जिनमें बलौदा बाजार, मुंगेली, और बीजापुर प्रमुख हैं.
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अब बात करते हैं, सबसे पुराने जिलों की. तो रायपुर (2,891.98 वर्ग किलोमीटर) और बिलासपुर (3,508.48 वर्ग किलोमीटर) सबसे पुराने जिले माने जाते हैं. जिनका गठन 1861 में हुआ था. यही दोनों जिले छत्तीसगढ़ के प्रशासनिक इतिहास की नींव माने जाते हैं. (नोटः यहां दिए गए आंकड़ें, मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक हैं. )
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