ऐसे कैसे होगा विकास? सरकारी संस्थान ही लगा रहे हैं निगम के टैक्स में पलीता
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ऐसे कैसे होगा विकास? सरकारी संस्थान ही लगा रहे हैं निगम के टैक्स में पलीता

रायपुर नगर निगम (Raipur Municipality) का करोड़ों रुपए कई सरकारी संस्थानों पर बकाया है.

ऐसे कैसे होगा विकास? सरकारी संस्थान ही लगा रहे हैं निगम के टैक्स में पलीता

रजनी ठाकुर/रायपुरः नगर निगम किसी भी शहर में साफ-सफाई और विकास कार्यों के लिए जवाबदेह होता है और यह विकास कार्य होते हैं, निगम को मिलने वाले टैक्स से लेकिन रायपुर नगर निगम के टैक्स का सरकारी संस्थान ही पलीता लगा रहे हैं. बता दें कि रायपुर नगर निगम ने 110 बड़े बकायादारों की सूची जारी की है, जिन पर करोड़ों रुपए का टैक्स बकाया है. जिसमें कई सरकारी संस्थानों के नाम भी शामिल हैं. इन सरकारी संस्थानों पर रायपुर नगर निगम का जल कर, संपत्ति कर के करोड़ों रुपए का टैक्स बकाया है!

इन सरकारी संस्थानों का लिस्ट में नाम
जिन सरकारी संस्थानों का बकाएदारों की लिस्ट में नाम है, उनमें प्रयास हॉस्टल, गुढियारी पर 64 लाख 46 हजार 929 रुपए, जिला अस्पताल पर वित्तीय वर्ष 2016-17 से 2021-22 तक का 51 लाख रुपए, रायपुर विकास प्राधिकरण पर 93 करोड़ रुपए का संपत्तिकर बकाया है. इनके अलावा गृह निर्माण मंडल पर 30 करोड़ 47 लाख रुपए का भी टैक्स बकाया है. 

इनके अलावा नगर निगम जोन 2 के 26 बड़े बकायादारों पर 96 लाख 14 हजार 217 रुपए, जोन-3 के 11 बड़े बकायादारों पर 14 लाख 86 हजार रुपए, जोन- 4 के बकायादारों पर 7 लाख 28 हजार रुपए, जोन-5 के 6 बकायादारों पर 35 लाख 77 हजार, जोन-6 के 6 बड़े बकायादारों पर 10 लाख 97 हजार रुपए का टैक्स बकाया है. 

रायपुर नगर निगम के जोन 7 के 7 बड़े बकायादारों पर 16 लाख 38 हजार 978 रुपए,  जोन 8 के 19 बड़े बकायादारों पर 85 लाख 25 हजार 328 रुपए, जोन 9 के 12 बड़े बकाया दारों पर 50 लाख 65 हजार 612 रुपए और जोन 10 के 18 बड़े बकायादारों पर 48 लाख 18 हजार 6 रुपए का बकाया है.

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