MP में CAA लागू न करने की घोषणा को हाईकोर्ट में चुनौती, 2 मार्च को होगी सुनवाई

याचिका में मुख्यमंत्री के CAA को लागू न करने वाले बयान को गैर जिम्मेदाराना और राष्ट्रीय एकता के खिलाफ बताया गया है.

MP में CAA लागू न करने की घोषणा को हाईकोर्ट में चुनौती, 2 मार्च को होगी सुनवाई
हाईकोर्ट ने 2 मार्च को मामले की अगली सुनवाई तय की है.

करन मिश्रा/जबलपुर: CAA (नागरिकता संशोधन कानून) को लेकर मुख्यमंत्री कमलनाथ (CM Kamal Nath) की घोषणा को हाईकोर्ट में चुनोती दी गयी है. याचिका में मुख्यमंत्री के CAA (Citizenship Amendment Act) को लागू न करने वाले बयान को गैर जिम्मेदाराना और राष्ट्रीय एकता के खिलाफ बताया गया है. दरअसल, 25 दिसम्बर को सीएम कमलनाथ ने कहा था कि प्रदेश में CAA लागू नहीं किया जाएगा.

जिसके खिलाफ, अखिल भारतीय मलयाली संघ समेत 4 संस्थाओं ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की है. याचिका में दलील दी गई है कि राष्ट्रपति से मंजूरी के बाद उक्त कानून देश में लागू हुआ है. केंद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से 10 जनवरी 2020 को कानून लागू करने का नोटिफिकेशन भी जारी हो गया है. ऐसा में राज्य को हस्तक्षेप का अधिकार नहीं है.

जनहित याचिका पर प्राथमिक सुनवाई के बाद HC ने याचिका को स्वीकार कर सुनवाई में ले लिया है. याचिका में मांग की गई है कि बयान की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए CM को त्यागपत्र देना चाहिए.

वहीं, इस मामले में सरकार ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि CAA को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिकाएं विचाराधीन हैं. 22 फरवरी को सभी मामलों में न्यायालय सुनवाई करेगा. ऐसे में यह याचिका विचार करने योग्य नहीं है.

बहरहाल सरकार के पक्ष के खिलाफ हाईकोर्ट ने 2 मार्च को मामले की अगली सुनवाई तय की है.