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सीएम कमलनाथ ने रखी भोपाल मेट्रो की आधारशीला, नाम को लेकर कांग्रेसी भूले अनुशासन

9 माह की कांग्रेस सरकार (Congress Government) ने भोपाल में मेट्रो रेल प्रोजेक्ट (Metro Rail Project) का बड़े भव्य कार्यक्रम में शिलान्यास किया.

सीएम कमलनाथ ने रखी भोपाल मेट्रो की आधारशीला, नाम को लेकर कांग्रेसी भूले अनुशासन
कांग्रेस सरकार (Congress Government) ने भोपाल में मेट्रो रेल प्रोजेक्ट (Metro Rail Project) का बड़े भव्य कार्यक्रम में शिलान्यास किया

भोपाल: आखिरकार भोपाल (Bhopal) की जनता का सपना साकार होने जा रहा है. भोपाल की जनता को मेट्रो ट्रेन (Metro) की सौगात मिलने जा रही है. अब जल्द ही भोपाल के लोग भी मेट्रो की सवारी कर सकते हैं. सीएम कमलनाथ (CM Kamal Nath) ने मेट्रो की आधारशीला रख दी है. सीएम कमलनाथ ने 27.87 किमी के दो कॉरिडोर वाले मेट्रो प्रोजेक्ट का शिलान्यास कर दिया है. सीएम कमलनाथ ने इंदौर (Indore) के बाद भोपाल मेट्रो (Bhopal Metro) का शिलान्यास कर दिया. ग्यारह पंडितों की मौजूदगी में वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ सीएम ने भोपाल मेट्रो की आधारशिला रखी. लेकिन, मंच पर मेट्रो के नए नाम 'भोज मेट्रो' (Bhoj Metro) पर एक बार फिर कांग्रेसी (Congress workers) अनुशासन की सीमा लांघ गए.

9 माह की कांग्रेस सरकार (Congress Government) ने भोपाल में मेट्रो रेल प्रोजेक्ट (Metro Rail Project) का बड़े भव्य कार्यक्रम में शिलान्यास किया. मंच पर सीएम कमलनाथ, दिग्विजय सिंह (Digvijay Singh) और मंत्रियों की मौजूदगी में बीजेपी (BJP) से भोपाल मेयर आलोक शर्मा (Alok Sharma) तो दिखे लेकिन भोपाल सांसद (Bhopal MP) साध्वी प्रज्ञा सिंह (Sadhvi Pragya) आमंत्रण के बाद भी नहीं पहुंचीं. वैसे जिस बात का अंदेशा था मंच पर वही हुआ, चूंकि 15 साल रही बीजेपी की सरकार (BJP Government) में मेट्रो प्रोजेक्ट की नींव रखी गई थी, इसलिए जैसे ही बीजेपी से भोपाल (Bhopal) मेयर आलोक शर्मा ने मेट्रो रेल प्रोजेक्ट को लेकर पीएम मोदी (PM Modi) और पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chauhan) को श्रेय देने का जिक्र किया तो कांग्रेस (Congress) कार्यकर्ता भड़क गए और नारेबाजी करने लगे.

इस श्रेय लेने की होड़ में बीजेपी (BJP) के मेयर के शब्द जैसे कांग्रेस (Congress) के दिग्गजों को भी चुभ गए. जब बारी सीएम कमलनाथ के बोलने की आई तो उन्होंने भी मेयर आलोक शर्मा पर पलटवार करने में देर नहीं की. कमलनाथ (Kamal Nath) ने बीजेपी मेयर आलोक से कहा मेट्रो प्रोजेक्ट को लेकर जो भी पैसा अभी तक आया है उनके केंद्रीय मंत्री रहते ही आया. आप यहां के मेयर, आप केंद्र के पास जाकर जितना पैसा ला सकते हैं लेकर आइए ताकि मेट्रो का काम तीन साल से पहले पूरा किया जा सके.

अब जरा दूसरे विवाद का भी जिक्र कर लें, दरअसल मेट्रो के नाम को लेकर भी मंच पर कांग्रेसी अनुशासन की सीमा लांघ गए जब कमलनाथ ने एक और बड़ा एलान करते हुए कहा था कि 'भोपाल मेट्रो' का नाम राजा भोजपाल के नाम 'भोज मेट्रो' रखा जाएगा. दरअसल, कमलनाथ ने कहा, "आज मेरे लिए बहुत खुशी का दिन है. मैं घोषणा करता हूं दिल्ली में मेट्रो का नाम दिल्ली मेट्रो, बंगलौर मेट्रो का बंगलौर मेट्रो आज से भोपाल का नाम भोज मेट्रो होगा. यह राजा भोज की नगरी है. इसलिए आज से भोपाल मेट्रो का नाम राजा भोज के नाम पर भोज मेट्रो होगा. यह सभी लिख लें." सीएम ने घोषणा की और तुरंत बीजेपी नेता और महापौर आलोक शर्मा ने मंच से सीएम का आभार जता दिया.

आलोक शर्मा ने कहा भोपाल की जनता की तरफ से भोज मेट्रो नाम करने पर मैं मुख्यमंत्री कमलनाथ का आभार जताता हूं. इस दौरान मंच पर कार्यक्रम में मौजूद कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने सीएम कमलनाथ की घोषणा का ही विरोध कर दिया. आरिफ मसूद ने कमलनाथ की बात काटते हुए कहा, "दादा भाई हाथ जोड़कर आपसे निवेदन करना चाहता हूं. भोपाल मेट्रो का नाम भोपाल मेट्रो ही रहने दो. राजा भोज के नाम पर बहुत कुछ कर लेंगे. भोपालियों से भोपाल मत छीनो."

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भले ही एक तरफ तो भोपाल की जनता को मेट्रो की सौगात मिलने की आधारशिला रखकर खुश होने का मौका मिल गया हो, लेकिन 15 साल बीजेपी के सत्ता परिवर्तन के बाद 9 महीने की कमलनाथ सरकार में आगे बढ़ते काम भी सियासतदारों की नजरों में आपसी टकराव पैदा कर रहे हैं.

अब समझ लीजिए मेट्रो प्रोजेक्ट आखिर भोपाल की जनता को मेट्रो की सौगात किस तरह मिलेगी?
- भोपाल में मेट्रो के चार कॉरिडोर प्रस्तावित हैं. जिनमें से पहले चरण में दो कॉरिडोर बनाए जाएंगे. पहले चरण का काम पूरे होने पर 6941 करोड़ 40 लाख से अधिक राशि खर्च होगी.
- पहला कॉरिडोर- 14.99 किलोमीटर - ट्रैक में कुल 16 स्टेशन... लागत लगभग 4400 करोड़ करोंद से एम्स- करोंद, डीआईजी चौराहा, भोपाल टॉकीज, नादरा बस स्टैंड, भोपाल रेलवे स्टेशन, भारत टॉकीज, पुल बोगदा, सुभाष नगर अंडरब्रिज, डीबी मॉल, बोर्ड ऑफिस, हबीबगंज, अलकापुरी बस स्टैंड, एम्स
- दूसरा कॉरिडोर- ट्रैक की लंबाई 12.88 किमी. लागत लगभग 2550 करोड़ - ट्रैक में कुल स्टेशन- 14 भदभदा से रत्नागिरी तिराहा - भदभदा चौराहा, डिपो चौराहा, रंगमहल चौराहा, रोशनपुरा चौराहा, पुरानी विधानसभा, लिली टॉकीज, जिंसी, पुल बोगदा, प्रभात चौराहा, अप्सरा टॉकीज, गोविंदपुरा, जेके रोड, रत्नागिरी तिराहा.
- प्रोजेक्ट में एलीवेटेड सेक्शन 26.08 किलोमीटर का होगा... इसमें कुल 28 स्टेशन बनेंगे..अंडर ग्राउण्ड सेक्शन 1.79 किलोमीटर का होगा, जिसमें 2 स्टेशन बनेंगे...
पहला भाग दिसम्बर 2022 तक पूरा करने का लक्ष्य है.
- सीएम कमलनाथ ने दिए हैं मंडीदीप और एयरपोर्ट को भी जोड़ने के निर्देश.
- भोपाल में तीन कोच की ट्रेन ही रहेगी. हर स्टेशन की डिजाइन कैंटिलिवर स्टाइल में होगी. मतलब- हर स्टेशन सिर्फ एक पिलर पर टिका रहेगा. स्टेशन पर यात्रियों के लिए लिफ्ट, एस्केलेटर और सीढ़ियां होंगी ताकि टिकट काउंटर से होकर वे सीधे प्लेटफॉर्म तक जा सकें.
- भोपाल और इंदौर मेट्रो रेल प्रोजेक्ट का क्रियान्वयन मध्य प्रदेश मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन द्वारा किया जाएगा.
- यह भारत सरकार और मध्य प्रदेश सरकार की 50-50 हिस्सेदारी वाली ज्वाइंट वेंचर कंपनी होगी....
- कंपनी प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए स्पेशल पर्पज व्हीकल (SPV) के रूप में कार्य करेगी.
- कंपनी का एक बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स होगा, जिसमें 10 डायरेक्टर होंगे.
- भारत सरकार बोर्ड के चेयरमेन सहित 5 डायरेक्टर नामित करेगी, जबकि प्रदेश सरकार मैनेजिंग डायरेक्टर सहित 5 डायरेक्टर नामित करेगी.