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जनता नहीं अब पार्षद चुनेंगे महापौर, अध्यादेश को मिली राज्यपाल से मंजूरी

कहा जा रहा है कि महापौर का चुनाव अप्रत्यक्ष रूप से कराने वाले अध्यादेश पर राज्यपाल लालजी टंडन मंगलवार को फैसला ले सकते हैं.

जनता नहीं अब पार्षद चुनेंगे महापौर, अध्यादेश को मिली राज्यपाल से मंजूरी
ऑल इंडिया मेयर्स काउंसिल और बीजेपी इस बिल के विरोध में है. कल पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और उमा भारती ने भी राज्यपाल लालजी टंडन से मुलाकात की है. (फाइल फोटो)

भोपाल: मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) में पार्षदों द्वारा महापौर और नगर पालिका अध्यक्षों के चुनाव वाले अध्यादेश पर जारी सियासत थमने का नाम नहीं ले रही है. इन सबके बीच खबर है कि राज्यपाल लालजी टंडन (Governor Lalji Tandon) महापौर और नगर पालिका अध्यक्षों का चुनाव अप्रत्यक्ष प्रणाली से कराने के अध्यादेश को मंजूरी दी जा सकती है. सूत्रों का कहना है कि राज्यपाल ने इस अध्यादेश को मंजूरी दे दी. इसकी केवल औपचारिक घोषणा होना बाकी है. 

कहा जा रहा है कि महापौर का चुनाव अप्रत्यक्ष रूप से कराने वाले अध्यादेश पर राज्यपाल लालजी टंडन मंगलवार को फैसला ले सकते हैं. राज्यपाल की तरफ से बिल को मंजूरी मिल सकती है. मुख्यमंत्री कमलनाथ की राज्यपाल से मुलाकात के बाद ऐसी संभावना जताई जा रही है कि बिल को राज्यपाल की तरफ से मंजूरी मिल जाएगी. बता दें कि कमलनाथ सरकार महापौर का चुनाव अप्रत्यक्ष रूप से कराना चाहती है. जिसको लेकर कैबिनेट ने इससे संबंधित बिल पास कर दिया है. लेकिन, राज्यपाल ने बिल को मंजूरी नहीं दी थी.

बता दें कि ऑल इंडिया मेयर्स काउंसिल और बीजेपी इस बिल के विरोध में है. कल पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और उमा भारती ने भी राज्यपाल लालजी टंडन से मुलाकात की है. सूत्रों की मानें तो, राज्यपाल इस बिल पर कल ही फैसला लेने वाले थे. लेकिन, सियासी बयानबाजी के बाद राज्यपाल नाराज हो गए और संवैधानिक परीक्षण का फैसला लिया. वहीं, अब सूत्रों का कहना है कि सीएम कमलनाथ से मुलाकात के बाद राज्यपाल की तरफ से बिल को मंजूरी मिल सकती है.