सीएम शिवराज बोले, 'गौरक्षा और संवर्धन के लिए प्रदेश में बनेगा गौ मंत्रालय'

मध्यप्रदेश में चुनाव से पहले सीएम शिवराज सिंह चौहान की ओर से लगातार नई योजनाओं का घोषणा की जा रही है.

सीएम शिवराज बोले, 'गौरक्षा और संवर्धन के लिए प्रदेश में बनेगा गौ मंत्रालय'
वर्तमान में राज्य में गौ-संवर्धन बोर्ड है और अब इसके स्थान पर मंत्रालय होगा.

छतरपुर: मध्यप्रदेश में विधानसभा चुनाव से पहले सीएम शिवराज सिंह चौहान की ओर से लगातार नई योजनाओं का घोषणा की जा रही है. इन सबके बीच सीएम शिवराज ने एक बार फिर अपने बयान से प्रदेश की राजनीति में गर्माहट ला दी है. सीएम चौहान ने राज्य में गौरक्षा और संवर्धन के लिए स्वतंत्र गौ मंत्रालय बनाने की घोषणा की है. वर्तमान में राज्य में गौ-संवर्धन बोर्ड है और अब इसके स्थान पर मंत्रालय होगा. बता दें कि तीन महीने बाद राज्य में विधानसभा चुनाव होना है. माना जा रहा है कि बीजेपी चुनावों में गाय के नाम पर सवर्ण वोटों को एकत्र करने का प्रयास कर रही है. 

हर घर में बनाई जाए गौशाला- सीएम शिवराज
मुख्यमंत्री ने रविवार को खजुराहो में 'आचार्य विद्यासागर जीव दया सम्मान समारोह' में कहा कि प्रत्येक घर में छोटी-छोटी गौशाला बनाने की आवश्यकता है. इससे गौ माता की सही मायनों में सेवा करने का पुरुषार्थ मिलेगा और इससे बड़ी क्रांति आ सकती है. उन्होंने कहा, "गौशाला और अभ्यारण्य में वृद्ध गायें आती हैं और देखभाल के अभाव में इनकी मृत्यु भी हो जाती है. ऐसी गायों के समय पर इलाज सहित अन्य समुचित व्यवस्था भी कराईं जाएगी." मुख्यमंत्री ने कहा कि मंत्रालय बनने से गौसेवा और संवर्धन के लिए तेजी से और बेहतर तरीके से कार्य हो सकेगा.

खजुराहो को मिलेगी स्वर्णोदय तीर्थ के रूप में पहचान
उन्होंने कहा कि स्वर्णोदय तीर्थ न्यास बनाने का उपक्रम ऐतिहासिक है. इसके बनने के बाद खजुराहो को स्वर्णोदय तीर्थ के रूप में नई पहचान मिलेगी. वित्तमंत्री जयंत मलैया ने राज्य शासन द्वारा जैन तीर्थो के विकास और संवर्धन के लिए किए जा रहे कार्यो की जानकारी दी. मुख्यमंत्री ने विभिन्न संस्थाओं को 'आचार्य विद्यासागर जीव दया सम्मान' से सम्मानित किया. आचार्य विद्यासागर ने अपने प्रवचन में कहा कि इस पावन भूमि से अनेक तपस्वी और साधक साधना कर अपने चिन्ह छोड़कर गए हैं, उनके पद चिह्नों पर चलने से प्रत्येक व्यक्ति का कल्याण होगा. उन्होंने कहा कि रामराज्य की कल्पना सभी करते हैं, पर आवश्यकता इस बात की है कि शासन-प्रशासन उसी तरह का होना भी जरूरी है. 

(इनपुट आईएएनएस से)