MP: कंप्यूटर बाबा बोले, 'कमलनाथ सरकार में 20 फीसदी कम हुआ है अवैध उत्खनन'

कमलनाथ सरकार के खनिज मंत्री प्रदीप जायसवाल की नाराजगी पर कंप्यूटर बाबा ने कहा कि कोई हमारी नदियों में चोरी करेगा तो, चोर को पकड़ने नहीं जाएंगे क्या. 

MP: कंप्यूटर बाबा बोले, 'कमलनाथ सरकार में 20 फीसदी कम हुआ है अवैध उत्खनन'
नदी न्यास के अध्यक्ष कंप्यूटर बाबा लगातार नदियों में जाकर अवैध उत्खनन करने वाले माफियाओं पर कार्रवाई कर रहे हैं.

विवेक पटैया/भोपाल: मध्यप्रदेश में रेत के अवैध उत्खनन को लेकर मध्यप्रदेश नदी न्यास के अध्यक्ष कंप्यूटर बाबा का कहना है कि रेत माफिया हमारे ऊपर भी हमला कर सकते हैं. कंप्यूटर बाबा ने कहा कि मुझे भी बहुत सारी धमकी आती हैं और मैं धमकियों से डरता नही हूं. कंप्यूटर बाबा ने कहा कि नदियों को बचाने के लिए सब कुछ सहने को तैयार हैं. नर्मदा और नदियों को बचाने के लिए मेरी जान भी चली जाए तो, मैं तैयार हूं. 

कंप्यूटर बाबा ने कहा कि मैं डरता नहीं हूं और मुझे रेत माफियाओं से रत्ती भर भी डर नहीं लगता और मां नर्मदा के लिए मैं अपनी जान भी देने के लिए तैयार हूं. मैं नर्मदा को बचा के रहूंगा. कंप्यूटर बाबा ने कहा कि अवैध उत्खनन में चाहे कोई अधिकारी संलिप्त हो या कोई नेता हो. जो भी रेत माफियाओं के रूप में आएगा, गलत तरीके से रेत निकालेगा, उसे बख्शा नहीं जाएगा. कंप्यूटर बाबा ने दावा करते हुए कहा कि शिवराज सरकार में जो 100 फीसदी अवैध खनन होता था, कमलनाथ सरकार में 20 फीसदी कम हो गया है. उन्होंने कहा कि सीएम कमलनाथ के नेतृत्व में हम काम कर रहे हैं.

वहीं, खनिज मंत्री प्रदीप जायसवाल की नाराजगी पर कंप्यूटर बाबा ने कहा कि कोई हमारी नदियों में चोरी करेगा तो, चोर को पकड़ने नहीं जाएंगे क्या. उन्होंने कहा कि वह तो हमारा दायित्व है, सरकार ने जो हमें काम सौंपा है, पूरा संत समाज ईमानदारी से बखूबी निभायेगा. खनिज मंत्री से मुलाकात नहीं करने के सवाल पर कंप्यूटर बाबा ने कहा कि हमें क्या जरूरत है मंत्री जी से मुलाकात करने की. हमारा अपना काम है, उनका अपना काम है. कंप्यूटर बाबा ने प्रदीप जायसवाल की तारीफ करते हुए कहा कि मंत्री बहुत अच्छा काम कर रहे हैं.

गौरतलब है कि नदी न्यास के अध्यक्ष कंप्यूटर बाबा लगातार नदियों में जाकर अवैध उत्खनन करने वाले माफियाओं पर कार्रवाई कर रहे हैं. पिछले दिनों कंप्यूटर बाबा अपने समर्थक संतों के साथ सिहोर के नसरुल्ला गंज में नर्मदा किनारे अवैध उत्खनन रोकने के लिए माफियाओं की निगरानी के लिए बैठ गए थे.