सिंधिया ने ट्विटर से हटाया पार्टी का नाम, महाराष्ट्र के बाद MP की राजनीति में सुगबुगाहट शुरू

कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव ज्योतिरादित्य सिंधिया (Jyotiraditya Scindia) ने अपने ट्विटर अकाउंट से पार्टी का नाम हटाकर सबको हैरानी में डाल दिया है.

सिंधिया ने ट्विटर से हटाया पार्टी का नाम, महाराष्ट्र के बाद MP की राजनीति में सुगबुगाहट शुरू
सिंधिया ने ट्विटर अकाउंट से पार्टी का नाम हटा दिया है.

नई दिल्लीः मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ (Kamal Nath) को बार-बार पत्र लिखकर सरकार की कार्यशैली पर नाराजगी जाहिर कर चुके कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव ज्योतिरादित्य सिंधिया (Jyotiraditya Scindia) ने अपने ट्विटर अकाउंट से पार्टी का नाम हटाकर सबको हैरानी में डाल दिया है. सिंधिया ने अपने ट्विटर अकाउंट से पार्टी का नाम हटाते हुए खुद को समाजसेवक और क्रिकेटप्रेमी बताया है. वहीं सिंधिया के ट्विटर अकाउंट से पार्टी का नाम हटाते ही मध्य प्रदेश की राजनीतिक गलियारों में अब सुगबुगाहट शुरू हो गई है और उनके जल्द ही भाजपा ज्वॉइन करने की अटकलें भी तेज हो गई हैं.

सिंधिया ने कांग्रेस से किनारा करते हुए अपने ट्विटर अकाउंट पर खुद को समाज सेवी और क्रिकेट प्रेमी बताया है और साथ ही साथ प्रोफाइल पर अपना पद भी हटा दिया है. सिंधिया के इस तरह से अपनी प्रोफाइल से पार्टी का नाम हटाने और अपना पद बदलने पर मध्य प्रदेश में सियासी चर्चाओं ने जोर पकड़ लिया है. बता दें इन दिनों जनता की आवाज बने सिंधिया कई बार मुख्यमंत्री कमलनाथ को पत्र लिखकर जनता के प्रति सरकार के रवैये पर नाराजगी जाहिर कर चुके हैं और सरकार से लगातार जनता के पक्ष में काम करने की मांग कर चुके हैं.

आपको बता दें कि बीते महीने (अक्टूबर) में सिंधिया ने मुख्यमंत्री कमलनाथ को 4 पत्र लिखे थे, जिसमें उन्होंने मुख्यमंत्री से बाढ़ प्रभावित किसानों की मदद और प्रदेश की सड़कों की हालिया हालत पर काम करने की बात कही थी. वहीं नवंबर महीने में भी सिंधिया ने CM कमलनाथ को पत्र लिखते हुए दतिया के लोगों की समस्याएं CM कमलनाथ से साझा की थी. 

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अपने लेटर में सिंधिया ने दतिया के लोगों की समस्याएं बताते हुए CM कमलनाथ को जनप्रतिनिधियों, कार्यकर्ताओं द्वारा बताई जनता की समस्याओं से अवगत कराया. सिंधिया ने लिखा कि इन समस्याओं में महाविद्यालय बनाने, किसान फसल मुआवजा, जर्जर सड़कों की मरम्मत और अस्पताल की व्यवस्थाओं में सुधार जैसी जरुरी समस्याएं थी. सिंधिया ने पत्र में इन मांगों को जल्द से जल्द पूरा करने का आग्रह किया था.