सिर्फ फांसी देने से नहीं रुकेंगी दुष्कर्म की वारदातें : कांग्रेस

मध्य प्रदेश में दुष्कर्म की घटनाओं में हो रहे इजाफे को लेकर कांग्रेस ने राज्य सरकार पर हमला बोला है.

सिर्फ फांसी देने से नहीं रुकेंगी दुष्कर्म की वारदातें : कांग्रेस
अजय सिंह ने कहा कि सीएम दुष्कर्म के आरोपियों को फांसी की मांग करते हैं और उन्हीं की पार्टी के नेता महिला पुलिस अधिकारी की वर्दी फाड़ने की कोशिश करते हैं.(फाइल फोटो)

नई दिल्ली/भोपाल: मध्य प्रदेश में दुष्कर्म की घटनाओं में हो रहे इजाफे को लेकर कांग्रेस ने राज्य सरकार पर हमला बोला है. विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह का कहना है कि राज्य में 130 दिनों में 1500 दुष्कर्म की घटनाएं हुई हैं, सिर्फ फांसी की सजा देने से इन पर अंकुश नहीं लगेगा, बल्कि सरकार को अपनी कथनी और करनी को एक करना होगा. अजय सिंह ने गुरुवार को कहा कि मुख्यमंत्री दुष्कर्म के आरोपियों को फांसी की मांग करते हैं, तो दूसरी ओर उन्हीं की पार्टी के नेता महिला पुलिस अधिकारी की वर्दी फाड़ने की कोशिश करते हैं, इसलिए जो कहा जाता है, उस पर अमल होते भी दिखना चाहिए. नेता प्रतिपक्ष का आरोप है कि ये घटनाएं सिर्फ इसलिए बढ़ गईं, क्योंकि पुलिस में राजनीतिक हस्तक्षेप बढ़ गया है. बेसिक पुलिसिंग नहीं रही, हर थाने में अपराधियों की सूची रहती है, पुलिस को उन पर कार्रवाई करनी चाहिए, राजनीतिक हस्तक्षेप नहीं होना चाहिए.

खौफ सरकार ने ही कम किया है- कांग्रेस
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा खौफ पैदा करने के लिए फांसी दिए जाने की बात पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए सिंह ने कहा कि वही पुलिस है और वही कानून है, समय का बदलाव है, खौफ तो ऊपर से आता है. जब ऊपर से ही खौफ नहीं रहेगा और अपनों को बचाने के लिए तेरा-मेरा करोगे तो खौफ कभी पैदा नहीं हो सकता है. गौरतलब है कि मध्य प्रदेश में मासूम बच्चियों के साथ हैवानियत की बढ़ती घटनाओं पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मंगलवार को कहा था कि हृदय विदारक घटनाओं को अंजाम देने वालों को फांसी के फंदे पर लटकाया जाना चाहिए. इसके बिना उनमें खौफ पैदा नहीं होगा. उन्होंने कहा था कि ये घटनाएं हृदय विदारक हैं. अंदर तक झकझोर देती हैं, जो लोग ऐसा काम करते हैं वे राक्षस हैं, नरपिशाच हैं. ऐसे लोग धरती पर रहने लायक नहीं हैं. ऐसे व्यक्तियों को फांसी के फंदे पर लटकाया जाना चाहिए.

फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने के लिए चीफ जस्टिस को लिखा पत्र- सीएम शिवराज
मुख्यमंत्री ने कहा था कि अक्सर देखा गया है कि निचली अदालत में दरिंदों को फांसी की सजा हो जाती है. फिर ऊपरी अदालतों में मामला जाता है और प्रक्रिया लंबी हो जाती है. दुष्टों को फांसी देने में देर हो जाती है, इसीलिए ऐसे मामलों में जल्दी सुनवाई के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने के लिए सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस को पत्र लिखकर अनुरोध गया है. उन्होंने कहा कि उच्च अदालतों में भी फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाकर त्वरित सुनवाई होनी चाहिए, ताकि ऐसे नरपिशाचों को जल्द से जल्द फांसी हो सके. चौहान ने कहा था कि वे अभियान चलाएंगे कि मासूम बेटियों से ज्यादती करने वाले दरिदों को किसी भी कीमत पर फांसी की सजा मिले. बलात्कारियों को जेल से कदापि नहीं छोड़ा जाना चाहिए. ऐसे लोग मानसिक रूप से विकृत हैं. वे दोबारा समाज में आकर फिर घिनौना काम करेंगे. इनका सही ठिकाना यह दुनिया नहीं है. 

(इनपुट एजेंसी से)