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MP: 4 साल की मासूम के साथ दुष्कर्म और हत्या के आरोपी को कोर्ट ने दी मौत की सजा

कोर्ट ने आरोपी को दुष्कर्म और हत्या के मामले में अलग-अलग सजा दी है.

MP: 4 साल की मासूम के साथ दुष्कर्म और हत्या के आरोपी को कोर्ट ने दी मौत की सजा
बीते साल 30 अक्टूबर 2018 को आरोपी ने वारदात को अंजाम.

पीताम्बर जोशी/होशंगाबाद: मध्य प्रदेश के पिपरिया में मासूम का अपहरण, दुष्कर्म और हत्या करने वाले दरिंदे को न्यायालय ने सोमवार को सुनवाई के बाद मौत का फरमान सुना दिया. सोमवार को प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश काशीनाथ सिंह की अदालत ने आरोपी दीपक उर्फ नन्हू किरार को हत्या के मामले में मृत्यु दंड की सजा सुनाई. वहीं, मासूम से दुष्कर्म के मामले में पृथक सजा सुनाते हुए न्यायालय ने आरोपी को जीवन पर्यंत आजीवन कारावास की सजा देने का फरमान भी दिया. बता दें कि पांच साल की मासूम के साथ हुई दुर्दांत वारदात की गूंज पूरे जिले में सुनाई दी थी और आरोपी को सजा-ए-मौत देने की मांग को लगातार की जा रही थी. सोमवार को जब अदालत ने अपना फैसला सुनाया तो मासूम के मां और पिता की आंखे एक बार फिर नम हो गईं.

जिला अभियोजन अधिकारी केपी अहिरवार ने बताया कि न्यायालय प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश केएन सिंह द्वारा सोमवार को आरोपी दीपक उर्फ नन्हू किरार को धारा 302 भादवि में मृत्युदण्ड, 376 एबी भादवि में शेष प्राकृतिक जीवन तक आजीवन कारावास, धारा 363 में 3 वर्ष के सश्रम कारावास, धारा 366 में 5 वर्ष के सश्रम कारावास तथा 201 भादवि में 7 वर्ष का सश्रम कारावास एवं अर्थदण्ड की सजा सुनाई. गौरतलब है कि 30 अक्टूबर 2018 की दोपहर को 5 वर्षीय नाबालिग एवं उसका छोटा भाई घर के बाहर आंगन में खेल रहे थे. तभी आरोपी दीपक मासूम को खिलौने का लालच देकर अपने साथ साईकिल पर बैठा कर ले गया था.

बच्ची के माता-पिता द्वारा तलाश की गई, किन्तु वह कहीं नहीं मिली. गुमशुदगी की रिपोर्ट पर थाना पिपरिया द्वारा विवेचना शुरू की गयी. इस दौरान पता चला कि आरोपी नाबालिग को लालच देकर सुनसान जगह ले गया और उसके साथ दुष्कर्म किया, जिसकी पुष्टि वैज्ञानिक परीक्षण में भी हुई. इसके बाद आरोपी द्वारा नाबालिग की गला घोंटकर हत्या कर दी गई और उसके शव को झाड़ियों में छिपा दिया गया. 

इस मामले को जघन्य सनसनीखेज प्रकरणों की सूची में रखते हुये विवेचना की गई. विवेचना के बाद पुलिस द्वारा न्यायालय में चालान प्रस्तुत किया गया. प्रकरण के विचारण के बाद न्यायालय द्वारा आरोपी को दोषसिद्ध पाते हुए एवं उसके द्वारा किए कृत्य को अति गंभीर प्रकृति का मानते हुए न्यायालय ने आरोपी दीपक उर्फ नन्हू किरार को सजा सुनाई. अभियोजन द्वारा 32 गवाहों के बयान कराए गए और इस प्रकरण का फैसला 8 माह में आ गया.